ओढां।कथा सुनाते कथावाचक शास्त्री जयदेव दाधीच। (संवाद)
ओढां। गांव रोहिड़ांवाली के निकट नेशनल हाईवे के किनारे स्थित बेसहारा गोमाता अस्पताल में वीरवार से श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ पूजा अर्चना एवं कलश यात्रा के साथ हुआ। कथावाचक शास्त्री जयदेव दाधीच ने कथा का महत्व बताते हुए कहा कि वे लोग ऊंचे भागों वाले होते हैं जो हरि की कथा में आकर बैठते हैं और उससे भी बड़े ऊंचे भाग उनके होते हैं जो कथा सुनकर उस पर अमल करते हैं।
उन्होंने कहा कि आज के भाग-दौड़ भरे समय में लोगों के पास अन्य कार्यों के लिए तो समय है, लेकिन राम-नाम के लिए समय निकालना बड़ा मुश्किल है। श्रीमद् भागवत कथा मनुष्य के जन्म-जन्मांतर के पापों का नाश ही नहीं करती बल्कि धन, वैभव व संतान सुख भी प्रदान करती है।शास्त्री जयदेव दाधीच ने नवनिर्मित गोमाता अस्पताल की सराहना करते हुए कहा कि इससे विभिन्न दुर्घटनाओं में घायल बेसहारा गोवंश को उपचार मिलेगा। जोकि सबसे बड़ी सेवा है।
कलयुग में मनुष्य प्राय: भाग्यहीन और अल्पायु होंगे
उन्होंने बताया कि सूत ने शुकदेव मुनि के मुख से भागवत सुनी हुई थी। शौनक ऋषि ने सूत को ऊंचे आसन पर बैठाया और उनसे जिज्ञासा प्रकट करते हुए बड़ी विनम्रता से कहा कि हे सूत जी, कलयुग में मनुष्य प्राय: भाग्यहीन और अल्पायु होंगे। शास्त्र अनेक हैं और बहुत बड़े हैं, जिन्हें पढ़ना सामान्य मनुष्य के लिए संभव नहीं है। इसलिए आप हमें वह सार सुनाइए, जिससे आत्मा को शांति मिले और परम कल्याण हो। इस दौरान कथावाचक द्वारा गाए गए भजन तेरी सांवली सूरत लागे प्यारी, हरे कृष्णा हरे रामा और सत्संग है ज्ञान सरोवर मुक्ति की खान रे बंदे सहित अन्य सुंदर-सुंदर भजनों पर श्रद्धालु खूब झूमे।