सोमवार सुबह घनी धुंध ने वाहनों की रफ्तार धीमी कर दी। 11 बजे के बाद सूर्यदेव के दर्शन हुए। सुबह-सवेरे कड़ाके की ठंड के चलते ठिठुरन बढ़ गई। स्कूली बच्चों को धुंध में ही घरों से निकलना पड़ा।
गांवों से आने वाले विद्यार्थियों को अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। लोगों ने अलाव जलाकर ठंड से बचने का प्रयास किया।
धुंध का कहर शुरू हो गया है। आज पहली बार रोडवेज की बसों पर इसका असर देखा गया। रोडवेज की बसें धीमी गति से दौड़ती दिखाई दीं।
गंतव्य स्थान तक पहुंचने में रोडवेज को आधे से एक घंटे अधिक समय लगा। धुंध के कारण दृश्यता काफी कम थी जिससे वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
बसें और ट्रेनें एक से डेढ घंटे तक देरी से चलीं। यात्रियों को सुरक्षित यात्रा करवाने के लिए रोडवेज चालकों व परिचालकों को विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है।
हरियाणा रोडवेज धुंध के समय यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए बसों में तीन रंग के रिफ्लेक्टर टेप लगाने को कहा गया है।
अधिकारियों का मानना है कि इससे धुंध से होने वाले सड़क हादसों में कमी आएगी। अधिकारियों डिपो की लगभग सभी बसों पर रिफ्लेक्टर टेप लगाए जाएंगे।
पहले लांग रूट पर चलने वाली बसों की हालत को सुधारने को कहा गया है। डिपो के सुपरवाइजर सभी बसों की गहनता से जांच करते हुए टूटे शीशे वाली खिड़कियों को बदला जा रहा है।