फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जो सत्संग में आता है, उसके जन्मों-जन्मों के पाप धुल जाते हैं - राम रहीम

Mon, 07 Dec 2015 12:38 AM IST
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
विज्ञापन
विज्ञापन
डेरा सच्चा सौदा के संत गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां ने कहा कि जो जीव सत्संग में चलकर आता है, उसके जन्मों-जन्मों के मैल, पाप धुल जाते हैं।
विज्ञापन


सत्संग एक ऐसा तीर्थ है, जहां राम नाम की चर्चा होती है तथा इंसानियत के मार्ग पर चलने की शिक्षा दी जाती है। यह बात सच है कि जैसा संग होता है, वैसा ही रंग चढ़ जाता है।

इसलिए सत्संग यानि सच का संग जो करता है, वह राम नाम से जुड़कर खुशियां हासिल करता है।
वे रविवार को शाह सतनाम जी धाम में आयोजित रूहानी सत्संग में देश विदेश से आए श्रद्धालुओं को संबोधित  रहे थे।

रूहानी सत्संग के दौरान उन्होंने नए लोगों को गुरुमंत्र नामशब्द की दीक्षा दी। उन्होंने कहा कि सत्संग में इंसानियत के जज्बे को बढ़ाया जाता है तथा शैतानियत को भगाने का रास्ता बताया जाता है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि सत्संग एक ऐसा संग है, जहां पता चलता है मालिक के नाम का जाप कैसे करना है, उसकी इबादत कैसे करनी है। सत्संग में आने से इंसान के कर्म धुल जाते हैं।

उन्होंने बताया कि इंसान अपनी गंदी आदतों में इधर-उधर घूमते रहते हैं तथा बुरे कर्म कमाते रहते हैं तथा आदतों, विचारों के तंग दायरे में अपने आप को कैद कर लेता है।

जब तक इंसान इस दायरे से बाहर नहीं आता, तब तक नई सोच, खुशियां हासिल नहीं कर पाता। ये दायरे काम, क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, वासना आदि हैं।

सत्संग में आने से मानव राम नाम से जुड़ता है तथा राम का नाम खुशियों को फिर से इंसान से जोड़ देता है। उन्होंने कहा कि मालिक का नाम भागों वाले लेते हैं, कर्मों वाले लेते हैं।

जिनके कर्म नहीं होते सत्संग में आने से इंसान के नए कर्म बन जाते हैं।  अगर आप अपना भाग्य उदय करना चाहते हैं, भाग्यशाली बनना चाहते हैं, सुमिरन करें। इंसान अपने बुरे कर्मों को बुद्धि, विवेक से नहीं काट पाता।

जब तक सेवा नहीं करते, सत्संग में नहीं आते कर्म नहीं कट सकते। अगर आप अपने कर्मों को अच्छा बनाना चाहते हैं तो सेवा, सुमिरन बहुत जरूरी है। इससे नए कर्म बनेंगे तथा बुरे कर्म कटेंगे।

सत्संग के दौरान आशियाना मुहिम के तहत एक जरूरतमंद परिवार को साध-संगत की ओर से बनाकर दिए गए मकान की चाबी  सौंपी गई। वहीं साथी मुहिम के तहत जरूरतमंदों को ट्राईसाइकिल भी दी गई।

इसके अलावा दो जरूरतमंद परिवारों को ईलाज के लिए शाह सतनाम जी ग्रीन एस वैलफेयर फोर्स विंग के भलाई फंड में से एक-एक लाख रुपये के सहायता राशि के चेक दिए गए।

‘ऑन लाइन गुरुकुल’ फिल्म से प्रभावित होंगे लोग
रूहानी सत्संग के दौरान डेरा प्रमुख ने  नई आने वाली फिल्म ‘ऑन लाइन गुरुकुल’ के बारे में कहा कि यह एक ऐसी फिल्म है, जिससे बच्चे, बुजुर्ग, युवा हर वर्ग प्रभावित होगा।

फिल्म के द्वारा युवाओं को पता चलेगा कि हमारी संस्कृति कितनी महान है, कितनी हाईटेक है। यह फिल्म हमारे वेदों पर आधारित है। साइंस भी वेदों से ही ली गई है। वेदों से ही साइंस इतनी हाईटैक हुई है।
विज्ञापन


इसका उदाहरण हम वेदों में पढ़ चुके हैं। उन्होंने बताया कि वेदों को पढ़कर हमारे ऋषि-मुनि आंख बंद करके ही हजारों मील की दूरी तय कर लेते थे, पानी पर चल लेते थे।

आज का मानव वेदों से दूर हो रहा है। इंसान को वेदों से जोड़ने, संस्कृति का ज्ञान करवाने के लिए ही ‘ऑनलाइन गुरुकुल’ फिल्म बनाई जा रही है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें