सिरसा। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए सरकार की ओर से बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर किसी भी तरह का कोई कार्य होता हुआ दिखाई नहीं दे रहा। सिरसा में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के लिए सरकार की ओर से 200 बेड का अस्पताल बनाने और मेडिकल कॉलेज बनाने की घोषणा की गई थी, लेकिन अस्पताल बनाने के लिए अभी तक न तो जगह का चयन हो पाया है और न ही मेडिकल कॉलेज के निर्माण को लेकर कोई कार्य शुरू हो पाया है।
नागरिक अस्पताल को 200 बेड का बनाए जाने को लेकर करीब डेढ़ वर्ष पहले मुख्यालय की ओर से मंजूरी भी मिल चुकी है। इसके लिए प्रशासन की ओर से कमेटी का गठन कर जगह की तलाश किए जाने का कार्य शुरू किया गया था, लेकिन डेढ़ वर्ष बीतने के बाद भवन निर्माण को लेकर कमेटी जगह का ही चयन नहीं कर पाई है। हालांकि इसके लिए कई स्थानों पर कमेटी ने जगह का निरीक्षण भी किया गया था। नए भवन का निर्माण न होने के कारण कई वार्डों में दाखिल मरीजों को इस परेशानी का सामना करना पड़ता है। जगह के अभाव में नागरिक अस्पताल के प्रसूता वार्ड में एक बेड पर ही दो मरीजों को भर्ती किया जाता है। वहीं एक ही केबिन में दो-दो डॉक्टर बैठ मरीजों का इलाज करते हुए भी दिखाई देते हैं। जिसके कारण मरीज परेशान होते हुए नजर आते हैं।
मेडिकल कॉलेज की कई बार हो चुकी घोषणा, लेकिन नहीं हो पाया अभी शिलान्यास
शहर में मेडिकल कॉलेज बनाने को लेकर भी मुख्यमंत्री मनोहर लाल की ओर से कई बार घोषणा की जा चुकी है, लेकिन अभी तक इसके निर्माण को लेकर यहां पर एक ईंट तक नहीं लग पाई। हालांकि इसके लिए प्रशासन की ओर से करीब 21 एकड़ जमीन का चयन किया गया है। सीडीएलयू के समक्ष स्थित हिसार विश्वविद्यालय की जमीन का प्रशासन ने चयन किया गया था। हालांकि इसका कब्जा लेकर जगह को भी खाली छुड़वाया जा चुका है, लेकिन निर्माण को लेकर अभी तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है। वहीं मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सिरसा में आयोजित जनता दरबार के दौरान जल्द ही बजट जारी करने की जानकारी भी दी थी।
पुराने भवन को अंदर से तोड़कर मरम्मत कर बनाए जा रहे हैं अलग-अलग वार्ड
नागरिक अस्पताल का भवन अब काफी पुराना हो चुका है। जिसकी स्थिति भी काफी खराब हो चुकी है। लेकिन स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस भवन के अलग-अलग वार्डों की दोबारा से मरम्मत करवा काम चलाया जा रहा है। अस्पताल के कई वार्डों को अंदर से तोड़कर वहां पर दोबारा से निर्माण किया जा रहा है। जिस पर लाखों का खर्च किया जा रहा है। लेकिन भवन की स्थिति काफी खराब होने के कारण इसका नुकसान मरीजों को उठाना पड़ सकता है। हालांकि इससे पहले भी लैब की छत गिर चुकी है जबकि भवन के बाहरी तरफ बड़े छेद होते हुए भी दिखाई दे रहे है।
बड़े भवन से शिफ्ट किया गया है नेत्र जांच केंद्र, नशा मुक्ति केंद्र भी होगा शिफ्ट
नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड के भवन की दीवारों को तोड़कर यहां पर अब नेत्र जांच केंद्र खोला गया है। इससे पहले यहां पर फ्लू ओपीडी की जाती थी और नेत्र जांच केंद्र बड़े भवन में था। वहीं बड़े भवन में स्थित नशा मुक्ति केंद्र को भी एफ ब्लॉक स्थित सामुदायिक केंद्र में शिफ्ट किया जाना है। सामुदायिक केंद्र की मरम्मत करने को लेकर भी विभाग की ओर से तैयारियां की जा रही हैं।
वर्जन
200 बेड के नए भवन के निर्माण के लिए प्रशासन द्वारा गठित कमेटी की ओर से ही जगह का चयन किया जाना है। इसके लिए अस्पताल के फ्लैट व अन्य कई स्थानों पर भी निरीक्षण किया गया है। लेकिन अभी तक जगह का चयन नहीं हो पाया है। चयन के बाद ही निर्माण कार्य शुरू किया जा सकेगा।
-डॉ. बुधराम, उप सिविल सर्जन, सिरसा।