एचआईवी को लेकर स्कूल के बच्चों को जागरूक करते हुए नागरिक अस्पताल की टीम।
सिरसा। एड्स दिवस के रूप में 1 दिसंबर को मनाया जाता है। एचआईवी को लेकर विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम स्वास्थ्य विभाग की ओर से जागरूकता स्वरूप करवाए जाते हैं। लेकिन सिरसा जिले में एचआईवी संक्रमितों के मामले निरंतर बढ़ रहे हैं। इनके बढ़ने का मुख्य कारण चिकित्सकों के अनुसार नशे में युवाओं का लिप्त होना है। नशे के कारण हर साल तेजी से एचआईवी संक्रमितों के मामले बढ़ रहे हैं। खासतौर पर जिले के डबवाली और कालांवाली एरिया में एचआईवी संक्रमितों की संख्या ज्यादा है। इसका कारण पंजाब बाॅर्डर से दोनों का करीब होना माना जा रहा है। बॉर्डर एरिया होने के कारण नशे का मुख्य केंद्र यह दोनों शहर बने हुए हैं।
अहम बात यह है कि जिले भर में स्वास्थ्य विभाग की टीम कार्यक्रमों और विशेष शिविरों के माध्यम से एचआईवी को लेकर जागरूक करती है। वहीं एडीजीपी की अगुवाई में नशा मुक्ति के अभियान जिले में चल रहे हैं। लेकिन एचआईवी को नियंत्रित करना मुश्किल होता जा रहा है। इतना ही नहीं, युवाओं की संख्या इनमें सबसे ज्यादा है। जो चिंता का विषय बनी हुई है। प्रत्येक वर्ष 300 से 400 के करीब मामले हर वर्ष देखने को मिल रहे हैं।
नशे के इंजेक्शन आपस में प्रयोग करना बना रहा मुख्य कारण
चिकित्सकों की माने तो इस घातक बीमारी से सबसे ज्यादा ग्रसित युवा वर्ग है। जिनकी उम्र 20 साल से लेकर 30 वर्ष के बीच की है। युवाओं का संक्रमित होने का मुख्य कारण विभिन्न प्रकार के नशे का प्रयोग करना है। नशे की सिरिंज व अन्य प्रकार से युवा आपस में एचआईवी संक्रमित हो रहे हैं। जिसका उन्हें पता भी नहीं चल रहा है। जांच होने के बाद ही पता चलता है कि उन्हें यह गंभीर बीमारी है। बीते दिनों जब जेल में बंद कैदियों की जांच हुई तब कुछ युवा इस बीमारी से संक्रमित पाए गए।
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ये है पांच सालों का आंकड़ा
वर्ष 2023 में 2800
वर्ष 2022 में 2365
वर्ष 2021 में 1884
वर्ष 2020 में 1327
वर्ष 2019 में 939
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नशे के कारण एचआईवी के केसों में इजाफा हो रहा है। क्योंकि सिरसा पंजाब और राजस्थान दोनों से लगता है। नशे का प्रयोग सबसे ज्यादा युवा करते हैं। ऐसे में अलग-अलग कारणों से वह इस बीमारी से संक्रमित हो जाते हैं। विभाग की ओर से निरंतर युवाओं को जागरूक करने को लेकर शिविर व अन्य प्रोग्राम करवाए जाते हैं। एक दिसंबर को भी विशेष थीम समुदाय विषय पर कार्यक्रम होगा।
-डॉ. गौरव भाटी, जिला नोडल अधिकारी, एचआईवी