सिरसा। गांव सिकंदरपुर थेहड़ में वीरवार रात मां और उसके प्रेमी लेखराज की हत्या के बाद आरोपी राजकुमार मानसिक तनाव और उलझन में रहा। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वारदात के बाद वह रात भर बेचैन रहा और सो न सका। इस दाैरान उसने दो से तीन बाद चाय पी और सुबह होने का इंतजार करने लगा। आरोपी ने पत्नी सुनीता से कहा कि वह थाने जाकर आत्मसमर्पण कर देगा और पूरा जुर्म अपने सिर ले लेगा।
इसके बाद शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे मां और लेखराज के शवों को पिकअप में लादकर सदर थाने पहुंचा। थाने में मौजूद पुलिसकर्मियों को बताया कि उसने अपनी मां और उसके प्रेमी की हत्या कर दी है और शव बाहर गाड़ी में पड़े हैं। पहले तो पुलिस को उसकी बात पर यकीन नहीं हुआ, लेकिन जब उन्होंने पिकअप के डाले में शव देखे तो वे स्तब्ध रह गए। जांच के दौरान पुलिस को शक हुआ कि राजकुमार अकेले दोनों का गला नहीं घोंट सकता। पूछताछ में यह बात सामने आई कि हत्या में राजकुमार की पत्नी सुनीता भी शामिल थी। इसके बाद दोनों को हिरासत में ले लिया।
दादी बोली-राजकुमार ने जो किया सही किया, बेटी की मौत का कोई गम नहीं
मृतक अंगूरी की मां सुगरी बाई निवासी लालवास, फतेहाबाद ने बताया कि उसकी बेटी के गैरकानूनी संबंधों ने पूरे परिवार को बर्बाद कर दिया था। उन्होंने कई बार समझाने की कोशिश की, पंचायतें भी हुईं, थाने में शिकायतें भी दी गईं, लेकिन अंगूरी नहीं मानी। परिवार को ताने सहने पड़े। इस कारण राजकुमार लंबे समय से अपमान झेल रहा था। सुगरी बाई ने कहा कि राजकुमार ने जो किया, सही किया। मुझे बेटी की मौत का कोई गम नहीं, वह बेटी कहलाने लायक नहीं थी। हालांकि उन्होंने चिंता भी जताई कि अब राजकुमार और उसकी पत्नी जेल चले जाएंगे तो उनके छोटे बच्चों की देखभाल कौन करेगा।
तीन बच्चों का पिता है राजकुमार
राजकुमार पहले फेरी लगाने का काम करता था। कुछ समय से वह पिकअप चला रहा था। उसके तीन बच्चे हैं, बड़ी बेटी सात साल की है। एक बेटा पांच साल तो दूसरा डेढ़ साल का ही है।
घर पर बच्चों संग चारपाई पर बैठी मिली सुनीता
घटना का पता चलने पर पुलिस राजकुमार के घर पहुंची तो सुनीता बच्चों के साथ चारपाई पर बैठी मिली। वहीं, लेखराज के घर कोई नहीं था। पड़ोसियों ने पुलिस को बताया कि उन्हें कुछ नहीं पता। वहीं, दोहरे हत्याकांड के बाद पूरे गांव में सनसनी फैली हुई है।
मजदूरी करता था लेखराज
मृतक लेखराज मजदूरी करता था। उसकी पत्नी तोसी बाई दिव्यांग है। बेटी की गांव में ही रहती है और बेटा 15 वर्ष का है। पिता जयराम भी मजदूरी करते हैं। जांच अधिकारी लेखराज ने बताया कि मृतक लेखराज के पिता जयराम ने बयान दिया कि दंपती के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।