सिरसा। निजी स्कूलों की ओर से सरकार के आदेशों को दरकिनार कर सरकारी की बजाय निजी प्रकाशकों की पुस्तकें लागू करने का मामला अब हाईकोर्ट पहुंच गया है। न्यायालय ने याचिका स्वीकार कर ली है और रिकॉर्ड भी मांग लिया है। हाईकोर्ट ने पूछा है कि निजी स्कूलों की लिस्ट दी जाए, जिन्होंने नये शिक्षा सत्र में प्राइवेट पब्लिशर की पुस्तकें लागू की हैं।
सिरसा के सौरभ मेहता ने बताया कि सरकार की ओर से 12 मई 2021 को आदेश लागू किया था कि सभी स्कूल केवल सरकारी किताबें पढ़ाएंगे, लेकिन निजी स्कूलों ने इन नियमों की धज्जियां उड़ाई। निजी स्कूल प्राइवेट पब्लिशर की किताबें लगा रहे थे। ऐसे में सौरभ मेहता ने जिला शिक्षा अधिकारी को शिकायत भेजी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुुई। अब उन्होंने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है और आरोप लगाए। इस याचिका को स्वीकार कर लिया गया। सौरभ मेहता ने बताया कि अब कोर्ट ने सभी निजी स्कूलों की सूची मांग ली है जिन्होंने निजी प्रकाशकों की पुस्तकें लागू की हैं। अब सौरभ मेहता स्कूलों की लिस्ट सबूत के साथ जमा कराएंगे। सौरभ मेहता ने बताया कि बाजार में सूची आसानी से मिल जाएगी और ये भी पता चल जाएगा कि किस स्कूल ने कितनी पुस्तकों को खरीदने का आदेश दिया है।
रिकॉर्ड जमा करवाने के दिए हैं आदेश : एडवोकेट नरेश कुमार
हमने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। इसमें बताया है निजी स्कूल सरकार की गाइडलाइन का पालन नहीं कर रहे हैं। अब कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर रिकॉर्ड मांगा है कि निजी स्कूलों की सूची दें जिन्होंने नए शिक्षा सत्र के लिए भी निजी प्रकाशकों की पुस्तकें लागू की है। रिकॉर्ड जमा करवाने के बाद अगली तारीख मिलेेगी।
- नरेश कुमार, अधिवक्ता।