सिरसा। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की महासचिव व सिरसा की सांसद कुमारी सैलजा ने कहा कि भाजपा सरकार ने गरीबों के थाली से सरसों का तेल छीन लिया। भाजपा सरकार ने गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लगभग 48 लाख परिवारों को मिलने वाले रियायती सरसों तेल की कीमत 40 से बढ़ाकर 100 कर दी है।
यह निर्णय सरासर जनविरोधी है और सीधे तौर पर गरीबों की रसोई पर आर्थिक हमला है। कुमारी सैलजा ने बयान जारी करते हुए कहा है कि सरकार का यह फैसला गरीबों से उनकी रोटी छीनने के समान है। जब महंगाई आसमान छू रही है, तब सरकार को राहत देनी चाहिए थी। इसके उलट गरीब परिवारों से रियायती दर पर मिलने वाला तेल भी छीन लिया गया।
सरकार जो तेल पहले दे रही थी। उसकी गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए गए थे, इस पर कार्रवाई करने के बजाय सरकार ने सरसों तेल के दाम ही बढ़ा दिए। सरकार राशन डीलरों की मनमानी पर आज तक अंकुश नहीं लगा पाई है। मनमाने ढंग से राशन का वितरण किया जाता है।
भाजपा सरकार का झुकाव अमीरों की ओर ज्यादा दिखाई देता है, वह कागजों में ही गरीबों की हितैषी है जबकि धरातल पर सरकार गरीबों की कोई सहायता नहीं कर रही है। कुमारी सैलजा ने सरकार से पूछा है कि भाजपा सरकार इन 48 लाख गरीब परिवारों से आखिर कैसी दुश्मनी निकाल रही है? क्या यही ‘सुशासन’ और ‘सबका साथ-सबका विकास’ है?
सांसद ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि गरीब परिवारों को मिलने वाले सरसों तेल की कीमत तुरंत घटाई जाए और पूर्व की तरह 40 रुपये में ही उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने यह भी चेताया कि अगर सरकार ने गरीबों की अनदेखी जारी रखी तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर जन आंदोलन चलाएगी।
बिजली दरों में बढ़ोतरी कर तोड़ी कमर
प्रदेश सरकार एक के बाद एक लोगों को झटके देने में लगी हुई है। कहा जा सकता है कि भाजपा सरकार हर मोर्चे पर जनता से विश्वासघात कर रही है। अभी बिजली दरों में बढ़ोतरी कर जनता की कमर तोड़कर रख दी है, बिजली आपूर्ति की स्थिति में सुधार तो कर नहीं पाई, लोग अघोषित कट से परेशान है। बिलों को बढ़ा-चढ़ाकर भेजा जाता है, जिसके घर में केवल बल्ब ही जलते हैं उनके बिल हजारों रुपये में भेज दिए जाते है। जिन्हें ठीक कराने के लिए लोगों को काम धंधा छोड़कर कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।