गांव रघुआना में किसान चंद्रपाल सिंह के खेत में जुटे बीकेई प्रदेशाध्यक्ष और अन्य। स्रोत : किसान
रानियां। भारतीय किसान एकता (बीकेई) के प्रदेशाध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने रविवार को गांव रघुआना में बाजरे के अवशेष जलाने के आरोप में किसान चंद्रपाल सिंह के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की। साथ ही वसूला गया 5 हजार रुपये का जुर्माना राशि लौटाने के लिए आवाज उठाई।
उन्होंने हरियाणा सरकार और जिला प्रशासन पर किसानों के खिलाफ कार्रवाई में तत्परता दिखाने तथा उनकी अन्य समस्याओं की अनदेखी करने का आरोप लगाया। औलख ने चेतावनी दी कि थाना बड़ागुढ़ा में दर्ज एफआईआर नंबर 0178 और वायु प्रदूषण निवारण अधिनियम, 1981 के तहत की गई कार्रवाई वापस नहीं ली गई तो किसान संगठन आंदोलन करेंगे।
खेत में पहुंचकर औलख ने कहा कि खेत में आग या धुआं दिखाई देते ही कृषि विभाग, राजस्व विभाग और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड सक्रिय हो जाते हैं। वहीं मंडियों में फसल बेचने के लिए भटकते किसानों, नमी के नाम पर कथित वसूली और डीएपी व यूरिया खाद के लिए लंबी लाइनों में लगने की समस्याओं पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होती। इस मौके पर नेमी शर्मा, दर्शन सिंह, राजू सिंह, महेंद्र सिंह और सुखविंदर सिंह सहित किसान मौजूद रहे।
प्रदूषण के अन्य मामलों पर भी उठाए सवाल
औलख ने घग्गर नदी और रंगोई नाले में कथित रासायनिक अपशिष्ट छोड़े जाने, रामा रिफाइनरी, रसूलपुर की फैक्ट्रियों और एथेनॉल प्लांट से संबंधित प्रदूषण के मामलों में प्रशासन से गंभीरता दिखाने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि पटवारी और कृषि विभाग से जुड़े कामों के लिए किसानों को कई दिनों तक चक्कर काटने पड़ते हैं।उन्होंने गांव फग्गू में धान के बीज की गुणवत्ता संबंधी शिकायत पर 10 दिन बाद भी अधिकारी के नहीं पहुंचने और डबवाली में कथित अवैध कीटनाशक व उर्वरक कारोबार की शिकायत पर ठोस कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया। औलख ने कहा कि बाढ़, बीमारी या आग से फसल बर्बाद होने पर भी प्रशासन का सैटेलाइट सिस्टम अपेक्षित तत्परता से काम नहीं करता।