चांदी से बनाई फीफा वर्ल्ड कप ट्रॉफी।
सिरसा। सिरसा के स्वर्णकार सज्जन सोनी ने अपने पेशे को जुनून और जज्बे के साथ जोड़कर हस्तकला में एक नया मुकाम हासिल किया है। उनके द्वारा चांदी से तैयार की गई फीफा वर्ल्ड कप की लघु कलाकृति इन दिनों लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
सज्जन सोनी ने बताया कि उन्होंने महज 0.840 मिलीग्राम चांदी का उपयोग कर इस ट्रॉफी को बनाया है जिसके ऊपर पीतल की फुटबाल लगी है। इसे तैयार करने में उन्हें 1 घंटा 20 मिनट का समय लगा। गौरतलब है कि सोनी केवल स्वर्णकार समाज ही नहीं बल्कि देश-विदेश में भी अपनी अनूठी कलाकृतियों के लिए पहचाने जाते हैं। वे अब तक चांदी से क्रिकेट वर्ल्ड कप, फुटबाल कप और ओलंपिक सहित कई प्रमुख खेलों की लघु आकृतियां बना चुके हैं।
1983 के वर्ल्ड कप से मिला जुनून
कला के प्रति अपने इस अनूठे जुनून के बारे में सोनी ने बताया कि इसकी शुरुआत 1983 में हुई जब भारतीय टीम क्रिकेट वर्ल्ड कप जीतकर विश्व विजेता बनी। उस ऐतिहासिक जीत के बाद उनके मन में सबसे छोटे आकार की ट्रॉफियां बनाने का विचार आया। उन्होंने अपनी पहली कलाकृति 1987 में बैट-बॉल की बनाई थी।
वे पुरुष व महिला टी-20 वर्ल्ड कप, ओलंपिक गेम्स, पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी देवीलाल की मूर्ति, ऑपरेशन सिंदूर और चंद्रयान जैसी अनेक महत्वपूर्ण कलाकृतियां तैयार कर चुके हैं। सोनी का कहना है कि वे चाहते हैं कि यह हस्तकला जीवित रहे और वे अपनी अंतिम सांस तक देश के लिए समर्पित रहकर कार्य करते रहें।
मोबाइल की लत संस्कारों पर पड़ रही भारी
सज्जन सोनी ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी और समय के अभाव के कारण माता-पिता अपनी संतानों को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे हैं। नतीजतन युवा पीढ़ी अकेलेपन को दूर करने के लिए मोबाइल का सहारा ले रही है और उसकी आदी बनती जा रही है जो हमारे संस्कारों को बिगाड़ रहा है।