संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। नाबालिग से दुष्कर्म करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट ने दोषी राम सिंह को 20 साल कैद व डेढ़ लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। अदालत ने तीन मार्च को राम सिंह को दोषी करार दिया था। इस मामले में पुलिस थाना बडागुढ़ा में वर्ष 2021 को केस दर्ज किया गया था।
पुलिस को दिए बयान में पीड़ित नाबालिग की मां ने बताया था कि 21 फरवरी 2021 की रात को उसकी बेटी संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। पड़ताल करने पर पता चला कि गांव का ही राम सिंह उर्फ राम नामक युवक उसकी बेटी को बहला कर ले गया।
बड़ागुढ़ा थाना पुलिस ने मां की शिकायत पर राम सिंह के खिलाफ अभियोग दर्ज कर नाबालिग की तलाश शुरू कर दी। 25 फरवरी 2021 को पुलिस ने राम सिंह की चंगुल से नाबालिग को छुड़वा लिया।
बाल कल्याण समिति ने नाबालिग की काउंसिलिंग की तो खुलासा हुआ कि राम सिंह ने नाबालिग के साथ 21 से 24 फरवरी 2021 तक खेतों में दुष्कर्म किया। इसके बाद पुलिस ने दर्ज अभियोग में दुष्कर्म की धारा जोड़ दी और नाबालिग के कोर्ट समक्ष कलमबद्ध बयान दर्ज कराए। बुधवार को इस मामले का निपटारा करते हुए न्यायाधीश प्रवीण कुमार ने राम सिंह को 20 साल कैद की सजा सुना दी।
कोर्ट के फैसले के अनुसार पीड़ित नाबालिग को एक लाख रुपये मुआवजा मिलेगा। इसके अलावा दोषी की जुर्माना राशि में से भी एक लाख रुपये पीड़िता को दिए जाएंगे। दोषी राम सिंह ने न्यायाधीश प्रवीण कुमार से सजा में नरमी बरतने की गुहार लगाई थी, जिसे न्यायाधीश ने अस्वीकार कर दिया।