संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। अहिल्या बाई होलकर की त्रिशती जयंती उपलक्ष्य में जेसीडी विद्यापीठ में संस्कार भारती हरियाणा एवं केएल थियेटर प्रोडक्शन के संयुक्त संयोजन में दो दिवसीय नाट्य उत्सव आयोजित किया गया।
पहले दिन केएल थियेटर प्रोडक्शंस की ओर से मंचित मैं हूं भारत नाटक के माध्यम से देश ने अपने सांस्कृतिक समृद्धि की कथा सुनाई। दूसरे दिन जेसीडी रंगशाला के विद्यार्थियों ने मुक्तिधाम नाटक का मंचन कर वृद्धाश्रम में बुजुर्गों का दर्द बताकर युवाओं को अपने माता-पिता के प्रति समर्पित भाव रखने का संदेश दिया।
समापन समारोह में जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक प्रोफेसर डाॅ. जय प्रकाश मुख्यातिथि रहे, जबकि अध्यक्षता कुलसचिव डॉ. सुधांशु गुप्ता ने की। जेसीडी विद्यापीठ के महानिदेशक प्रोफेसर डाॅ. जय प्रकाश ने कहा कि आज इस तरह के नाटक के मंचन की बहुत आवश्यकता है।
युवा को अपनी संस्कृति, अपने संस्कारों को सिर्फ जानने की ही जरूरत नहीं है, बल्कि उन्हें अपनी अभिव्यक्ति का हिस्सा बनने की जरूरत है। कला एक ऐसा माध्यम है, जो हमें अपनी संस्कृति और अपने संस्कारों से जोड़ने का प्रयास करती है। संस्कार भारती हरियाणा शाखा सिरसा एवं केएल थियेटर, प्रोडक्शंस के संयुक्त संयोजन में आयोजित हुए इस नाट्य उत्सव के लिए कर्ण लढा और उनकी पूरी टीम को बधाई को देता हूं।
इस अवसर पर संस्कार भारती शाखा सिरसा से वरिष्ठ सदस्य डाॅ. राज कुमार निजात, राजेंद्र शर्मा व प्राचार्य डाॅ. शिखा गोयल और विद्यापीठ के अन्य प्राध्यापकगण, विद्यार्थीगण मौजूद रहे। नाट्य उत्सव में अमित लढा ने मंच संचालन किया।