संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन नागरिक अस्पताल की आपातकालीन वार्ड में स्ट्रेचर और व्हीलचेयर ही गायब हैं। इसके कारण परिजनों को मजबूरन मरीज कंधे पर उठाकर डॉक्टर तक ले जाना पड़ता हैं।
नागरिक अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में 24 घंटे मरीजों का आना जाना लगा रहता है। अब आपातकालीन भवन में ही नेत्र जांच केंद्र भी शिफ्ट किया गया है। इसके चलते यहां पर मरीजों संख्या भी यहां पर बढ़ गई है। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे मरीजों के परिजनों को समय पर न व्हीलचेयर मिलती है और न ही कोई स्ट्रेचर दिखाई देता है। ऐसे में परिजनों को मरीज मरीज को कंधे पर उठ डॉक्टर के पास ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
परिजन बोला : 15 दिन बाद करवानी पड़ती है मां की जांच, लेकिन कभी भी नहीं मिलती व्हीलचेयर
नागरिक अस्पताल के आपातकालीन भवन में स्थित नेत्र जांच शिविर में मां की जांच करवाने के लिए पहुंचे शहर निवासी हरदेव सिंह ने बताया कि उसकी 65 वर्षीय मां 100 फीसदी दिव्यांग है। कुछ समय पहले ही उसने अपनी मां की आंख बनवाई गई थी। वह 15 दिन बाद मां को लेकर जांच करवाने के लिए पहुंचता है, लेकिन उन्हें कभी भी यहां पर स्ट्रेचर व व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं हो पाती। वह अपनी मां को कंधों पर उठाकर जांच करवाने के लिए लेकर पहुंचता था। इसके लिए उन्हें दूसरे भवनों में भी व्हीलचेयर की तलाश करने के लिए पहुंचना पड़ता हैं।
पिता के पैर का हुआ था ऑपरेशन, जांच करवाने पहुंचा था अस्पताल
जितेंद्र ने बताया कि उसके पिता के पैर का ऑपरेशन हुआ था। उनकी जांच करवाने के लिए वह नागरिक अस्पताल पहुंचा। यहां कोई व्हीलचेयर या स्ट्रेचर न मिलन के कारण पिता को कंधे पर उठाकर डॉक्टर के पास पहुंचाया।
अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान उपलब्ध होते हैं कर्मचारी व व्हीलचेयर
नागरिक अस्पताल की स्थिति का निरीक्षण करने जब टीम या अधिकारी आते हैं तब इमरजेंसी भवन के बाहर कर्मचारी, व्हीलचेयर और स्ट्रेचर दिखाई देते हैं। सामान्य दिनों में एंबुलेंस के पहुंचने के बाद भी यहां पर न तो व्हीलचेयर दिखाई देती है और न ही अन्य कोई कर्मचारी यहां पर सक्रिय दिखाई देता है।
वर्जन
आपातकालीन भवन में मरीजों के लिए व्हीलचेयर और स्ट्रेचर प्राप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। किसी मरीज को इस तरह की परेशानी उठानी पड़ी है तो मामले की जानकारी ली जाएगी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए जाएंगे। -डॉ. संदीप गुप्ता, पीएमओ, नागरिक अस्पताल।
पिता के पैर खराब होने के कारण उसे कंधे पर उठाकर वार्ड में इलाज के लिए लेकर जाता बेटा । संवाद- फोटो : Sirsa