सिरसा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से क्षय रोग के जिले के मरीजों को लाभ देने के लिए एनटीईपी यानी राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत एजेंसी की मांग की है। इसके लिए विशेष रूप से 42 लाख 25 हजार रुपये का टेंडर लगाया गया है, ताकि टीबी के मरीजों की देखभाल, पोषण व उपचार में कोई कमी न रहे।
हालांकि, छह माह पहले भी टेंडर लगाया था। टेंडर में एजेंसियां नहीं आने के कारण उसे दोबारा से स्वास्थ्य विभाग की ओर से टेंडर लगाया है, ताकि क्षय रोगियों को बेहतर सुविधाएं दी जा सके। गौरतलब है कि जिले में टीबी के तीन हजार मरीज हैं, जिसमें से अति गंभीर 1500 टीबी यानी क्षय रोग से ग्रस्त मरीजों को एजेंसी को सौंपा जाएगा।
मरीजों को दवाओं से लेकर पेंशन जारी करने विभिन्न प्रकार की सुविधा दी जाती है, ताकि मरीजों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि वर्ष 2025 में पूरी तरह से हरियाणा को क्षय रोग मुक्त घोषित किया जा सके। ऐसे में इस दिशा में सर्वे से लेकर अन्य कार्य भी किए जाते हैं। इसके लिए प्रशासन को एजेंसी की जरूरत पड़ती है। इसलिए विशेष पैसा जारी कर इस दिशा में कार्य किया जा रहा है।
एजेंसी ये करेगी कार्य
- मरीजों की दवाओं और खुराक नियमित रूप से मिले।
- दवाइयों खत्म होने की सूरत में टेलीकॉलर के माध्यम से दवा दिलाना।
- मरीज की डाइट का पूरी तरह से ध्यान रखना।
- समय-समय पर मरीज की जांच करवाना।
सरकार से मिलने वाली पोषण राशि होगी आधार
सरकार ने टीबी यानी क्षय रोग के मरीजों की 500 रुपये से पोषण राशि बढ़ाकर एक हजार रुपये कर दी है। इस पोषण के आधार पर ही एजेंसी मरीज की पूरी तरह से देखरेख करेगी, ताकि मरीज को मिलने वाले पैसे का प्रयोग सही तरह से हो सके। पूर्व में देखने को आया था कि घर के हालात या अन्य कार्यों में मरीज अपनी राशि को खर्च कर देता था। इससे वह अपनी डाइट का ख्याल नहीं रह पाता था और बीमारी बढ़ जाती थी। इसलिए स्वास्थ्य विभाग ने एजेंसी हायर कर व्यवस्था बनाने का निर्णय लिया है।
-
टीबी यानी क्षय रोग के मरीजों की देखभाल, उनके उपचार आदि के लिए एजेंसी हायर की जाएगी। इसके लिए विशेष रूप से 42 लाख 25 हजार रुपये का टेंडर लगाया गया है। फिलहाल मरीजों की देखभाल आदि का कार्य विभाग की ओर से किया जा रहा है।
- प्रतीक गोयल, डीटीओ, नागरिक अस्पताल