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रोहतक पीजीआई से फरार कैदी को सीआईए सिरसा ऐलनाबाद से पकड़ा

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the absconding prisoner arrested from ellenabaad - फोटो : Sirsa
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सीआईए सिरसा पुलिस ने पीजीआईएमएस रोहतक से बीती 9 जून को भागे कैदी को चार दिनों बाद ऐलनाबाद से काबू कर लिया है। नशा तस्कर विकास उर्फ विक्की निवासी गांव नेजियाखेड़ा इसी साल फरवरी में नशे की 2600 गोलियों के साथ पकड़ा गया था। उसके खिलाफ नाथूसरी चोपटा थाना में मादक पदार्थ अधिनियम के तहत अभियोग दर्ज हुआ था और वह सिरसा जेल में बंद था। पुलिस उसका इलाज कराने के लिए रोहतक ले गई थी।
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जानकारी देते हुए डीएसपी आर्यन चौधरी और सीआईए सिरसा प्रभारी इंस्पेक्टर रविंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि पीजीआई रोहतक से भागे आरोपी को अति शीघ्र काबू करने के लिए डीआईजी डॉ. अरुण सिंह ने सीआईए सिरसा पुलिस की टीमों का गठन किया था। इस संबंध में थाना पीजीआईएमएस रोहतक में अभियोग दर्ज किया गया था। सिरसा पुलिस द्वारा आरोपी विकास को सिरसा जेल से पैर के इलाज के लिए पीजीआई रोहतक ले जाया गया था। डीएसपी आर्यन चौधरी और सीआईए प्रभारी ने बताया कि पुलिस हिरासत से भागने के बाद विकास रोहतक, हांसी, हिसार, फतेहाबाद, भट्टू, चोपटा और ऐलनाबाद क्षेत्रों में घूमता रहा। उन्होंने बताया कि सीआईए सिरसा पुलिस के सहायक उपनिरीक्षक तरसेम सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सुराग जुटाते हुए आरोपी विकास को ऐलनाबाद क्षेत्र से काबू कर लिया। सहायक उपनिरीक्षक तरसेम सिंह के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम को सूचना मिली कि विकास उर्फ विक्की ऐलनाबाद क्षेत्र में छिपा हुआ है और राजस्थान भागने की फिराक में है। उसके बाद सीआईए ने उसे ऐलनाबाद से काबू कर लिया। गिरफ्तार किए गए आरोपी को अदालत में पेश कर दोबारा न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा।
आरोपी पर दर्ज हैं पांच मुकदमे
डीएसपी आर्यन चौधरी ने बताया कि गिरफ्तार किया गया आरोपी विकास उर्फ विक्की आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है। वर्ष 2015,16,17 में उसके खिलाफ राजस्थान के थाना नोहर में चोरी के अभियोग दर्ज हुए थे। वर्ष 2016 में आरोपी के खिलाफ शहर थाना सिरसा में चोरी का अभियोग तथा वर्ष 2019 में शहर थाना सिरसा में एनडीपीएस एक्ट के तहत अभियोग दर्ज हुआ था। विकास के खिलाफ फरवरी माह में नाथूसरी चोपटा थाने में भी एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था।
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बाइक से लिफ्ट लेकर पहुंचा था हांसी अपने दोस्त के पास, वहां से ट्रैक्टर ट्राली से पहुंचा सिरसा
जानकारी अनुसार विकास रोहतक पीजीआई से फरार होने के बाद वहां से ऑटो पर सवार होकर दिल्ली बाईपास पहुंचा। उसकी जेब में तब 20 से 30 रुपये थे। दिल्ली बाईपास से वह फिर एक बाइक सवार से लिफ्ट लेकर महम और हांसी तक अपने एक दोस्त मोंटी बूमरा के पास पहुंचा। पुलिस के अनुसार मोंटी बूमरा उसका पुराना दोस्त था और जेल में उसका पार्टनर भी था। मोंटी की बहन नेजिया गांव में ही शादीशुदा है। हांसी में अपने दोस्त मोंटी के पास दो दिन रहने के बाद कुछ पैसे लेकर वह फतेहाबाद से सिरसा एक ट्राली पर सवार होकर पहुंचा। लेकिन वह अपने गांव नेजिया में पकड़े जाने के भय से नहीं गया। यहीं से वह ऐलनाबाद के गांवों में छिपते छिपाते हुए ऐलनाबाद शहर पहुंच गया। पुलिस के अनुसार वह राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में जाना चाहता था, ताकि वह दोबारा से नशे का कारोबार शुरू कर सके। इसके लिए उसने अपने ऐलनाबाद में रहने वाले अपने जीजा से पैसे लेने थे, ताकि वह आगे चित्तौड़गढ़ जा सके। वहां उसका जीजा वर्कशाप में काम करता है, लेकिन पुलिस ने भागने से पहले ही उसे काबू कर लिया।
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