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आतंकवाद के आगे डटा है आरएसएस

Wed, 18 Nov 2015 01:59 AM IST
अमर उजाला सिरसा/ब्यूरो
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मंगलवार को आरएसएस शाखा पर हुए आतंकी हमले की 25वीं बरसी मनाई गई। मंडी किलियांवाली स्थित जलघर में आयोजित समारोह में हरियाणा के जनस्वास्थ्य मंत्री घनश्याम सर्राफ ने शहीद स्मारक का उद्घाटन किया।
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इस मौके पर शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया। समारोह में किसी भी नेता को मंच पर नहीं चढ़ने दिया गया। आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक ने मंच से घोषणा की कि देश के लिए जान देने वाले आरएसएस कार्यकर्ताओं को प्रदेश सरकार शहीद का दर्जा देगी।

17 नवंबर 1990 को आरएसएस शाखा पर हुए आतंकी हमले में शहीद हुए 11 स्वयंसेवकों की याद में मंगलवार सुबह शाखा लगाई गई जिसमें मंत्री घनश्याम सर्राफ ने भी भाग लिया।
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शाखा के बाद यज्ञ हुआ। शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मंत्री ने आरएसएस के वरिष्ठ प्रचारक प्रेम गोयल के साथ शहीद स्मारक (वाटिका) का उद्घाटन किया।

उन्होंने कहा कि आरएसएस आतंकवाद के खिलाफ हमेशा डटा रहा, अड़ा रहा। अगर ऐसा न होता तो दोबारा पंजाब में शाखा नहीं लगती। सर्राफ ने हरियाणा मंत्री मंडल की ओर से आरएसएस की डबवाली ईकाई को समाज सेवा के लिए 11 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की।

 वहीं वरिष्ठ प्रचारक प्रेम गोयल ने कहा कि आरएसएस स्वंयसेवकों ने इतिहास के पन्नों को लिखा है और वे खुद भी इतिहास बन गए। वर्तमान समय में देश में आरएसएस की 53 हजार शाखाएं चल रही हैं।

देश के बाहर 40 मुल्कों में भी शाखाएं हैं। संघ का संदेश है मैं नहीं, तूं। उन्होंने पीएम मोदी का नाम लिए बिना कहा कि देश का शासन ऐसे युवक के हाथ में आया है, जो देश की संस्कृति के प्रचार-प्रसार में लगा है। ऐसे मुल्कों की यात्रा कर रहा है, यहां आज तक कोई भारतीय प्रधानमंत्री गया ही नहीं था।

देश में परिवर्तन का चक्र चल रहा है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अब भारत को सोने की चिड़िया नहीं, बल्कि सोने का शेर बनाना है। उन्होंने आरएसएस कार्यकर्ताओं को श्री कृष्ण बनने की सलाह दी।

स्वंयसेवकों को मिलेगा शहीद का दर्जा
प्रेम गोयल ने कहा कि देश के लिए जाने देने होने वाले सैनिक का नाम जैसे शहीद की सूची में आता है। उसी तरह हरियाणा में देश के लिए शहीद होने वाले आरएसएस कार्यकर्ता का नाम शहीदों की सूची में आएगा।

17 नवंबर 1990 को आतंकी हमले में मारे गए स्वंयसेवकों को सरकार शहीद का दर्जा देगी। यह फैसला स्वयं मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने लिया है।

भाजपा नेताओं को नहीं मिला मंच पर स्थान
आरएसएस के कार्यक्रम में नेताओं को मंच पर स्थान नहीं दिया गया। केवल पांच लोग मंचासीन रहे। स्थानीय तथा जिला स्तरीय नेताओं को आरएसएस कार्यकर्ताओं के बीच बैठाया गया।

समय के पाबंद नेता जी
मंत्री घनश्याम सर्राफ समय के पाबंद हैं। हालांकि उनके कार्यक्रम में रातों रात तबदीली हो गई। रात को उनके सिरसा में प्रो. गणेशीलाल के पास रुकने का कार्यक्रम था। वे सीधा डबवाली ही पहुंच गए। मंगलवार सुबह भाजपा कार्यकर्ता पम्मी वधवा के घर चाय पी। निर्धारित समय से पहले ही कार्यक्रम में पहुंचकर सभी को चौंका दिया।
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