कालांवाली। बिजली निगम की लापरवाही के चलते उपमंडल कालांवाली के शहर व 36 गांवों के लोगों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। बिजली निगम कार्यालय में पहले ही अधिकारियों व कर्मचारियों की काफी कमी है। इसके बावजूद निगम के अधिकारी व कर्मचारी लाइनमैन के सहारे बिना अनुमति के अपना हेडक्वार्टर छोड़ रहे हैं।
लाइन में आई खराबी को सही करने में कर्मचारियों को कुछ मिनट के बजाय कई घंटे लग रहे हैं। मंगलवार रात्रि करीब 11 बजे चोरमार से आने वाली मुख्य लाइन में तकनीकी खराबी आ गई। निगम के कर्मचारियों को पहले फाल्ट ढूंढने में कई घंटे लगे और फिर उसे सही करने में कई घंटे का समय लगा। करीब 15 घंटे बाद बुधवार दोपहर करीब दो बजे शहर में बिजली सप्लाई बहाल हो पाई। इससे एक दिन पहले भी कुरंगावाली लाइन में खराबी आने के कारण भी आमजन को कई घंटों तक बिजली सप्लाई बाधित रहने के कारण दिक्कत झेलनी पड़ी थी।
निगम में स्टाफ और सुविधाओं की कमी
निगम कार्यालय कालांवाली के अंतर्गत 36 गांव हैं। कार्यालय में एसडीओ प्रेम चंद राठी के सेवानिवृत्त होने के बाद करीब एक माह से एसडीओ का चार्ज रिक्त है। इनकी जगह पर ऐलनाबाद कंस्ट्रक्शन के एसडीओ अंकित कंबोज अतिरिक्त चार्ज संभाल रहे हैं। निगम कार्यालय में जेई के दो, फोरमैन का एक, लाइनमैन के नौ, एलडीसी के छह, सीए का एक, एसए का एक पद खाली है। इसके अलावा निगम के कैंटर और ट्रक भी एक साल से खराब है। ऐसे में कर्मचारियों को लाइन सही करने में दिक्कत पेश आ रही है। उन्हें बाइक या अन्य निजी साधन का सहारा लेना पड़ रहा है।
-कालांवाली में लाइन को डबल सर्किट कर देंगे, फिर कोई समस्या नहीं आएगी। जिले में 100 नए कर्मचारी आने हैं। इनमें से कई कर्मचारियों को कालांवाली लगाया जाएगा। मैं कहीं बाहर हूं। वहां से आकर कालांवाली में आने वाली समस्याओं का पता लगाकर उन्हें दूर करवाएंगे।
-राजिंदर साबरवाल, एसई, सिरसा