- टीम ने दिए अधिकारियों को निर्देश, कहा-नियमित रूप से मौके पर पहुंचकर करें जांच
- मौके पर मिली सफाई पर बोले अधिकारी, आज करवाई, रोज करवाते तो शिकायत ही नहीं आती
फोटो - 28,29
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर वार्ड-21 की पूर्व पार्षद नीतू सोनी की शिकायत पर शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने संज्ञान लिया है। निकाय मंत्री के आदेश पर विशेष कमेटी गठित की गई और हिसार के एक्सईएन जयवीर सिंह डूडी व एसडीओ अमित बेरवाल जांच करने के लिए मंगलवार को सिरसा पहुंचे। सुबह 9 बजे उन्होंने नौहरिया बाजार के आसपास के क्षेत्र में जांच की। उन्हें पांच लोकेशनों में चार साफ मिली तो एक जगह पर कचरा डंप किया मिला।
इस मामले में सीएसआई जयवीर सिंह को उन्होंने आदेश दिए कि नियमित रूप से डंपिंग पॉइंटों की सफाई होनी चाहिए। सफाई के दौरान जिस एसआई या एएसआई की ड्यूटी है वह मौके पर जरूर जांच करने के लिए जाए। बिना सफाई की जांच किए कोई भुगतान एजेंसी की जारी नहीं होना चाहिए। मौका निरीक्षण करने के बाद टीम नगर परिषद कार्यालय पहुंची। वहां पर अकांउट शाखा में उन्होंने एजेंसी को दिए गए टेंडर व अन्य दस्तावेज की कॉपी ली। साथ ही जरूरी दिशा-निर्देश सीएसआई को दिए।
टीम ने वार्ड नंबर-20 और 21 के नोहरिया गेट, नोहरिया बाजार, रानियां बाजार सहित विभिन्न गलियों का दौरा किया और सफाई व्यवस्था का जायजा लिया। टीम के अधिकारियों ने इस दौरान नोहरिया बाजार स्थित गली कांडावाली मार्केट की गली का जायजा लिया, जहां खाली प्लॉट में गंदगी थी। अधिकारियों ने इस गंदगी का फोटो लिया। इस दौरान सफाई एजेंसी के कर्मचारी भी मौजूद रहे।
पूर्व पार्षद के प्रतिनिधि अमित सोनी ने कहा कि रात को ही नगर परिषद के अधिकारियों को सूचना मिली गई थी कि टीम आकर जांच करेगी। इसके बाद सुबह से ही सफाई डंपिंग पॉइंटों की करवा दी गई। टीम के सदस्यों को भी यह बात साफ नजर आई। उन्होंने कहा कि यदि नियमित रूप से सफाई होती है तो आपकी सीएम विंडो व अन्य माध्यमों पर शिकायत क्यों हो रही है। आप लोग इस कार्य को गंभीरता से ले।
टीम को आने की जरूरत क्यों पड़ी
जांच में सामने आया है कि शिकायतकर्ता की सीएम विंडो पर सहमति नहीं होती है। शिकायत मिलने के बाद सफाई करवा दी जाती है। उसके बाद पार्षद व सीएम विंडो एमिनेंट पर्सन से साइन करवाकर सीएम विंडो व शिकायतों को बंद कर दिया जाता है। इसी के खिलाफ शिकायत करने के बाद मुख्यालय ने इस मामले में संज्ञान लिया है। इससे जाहिर होता है कि सफाई को लेकर आने वाली शिकायतों को कितनी गंभीरता और किन तरीकों से हल किया जाता है। यह बेहद चिंताजनक है।
कौन जला रहा है कचरा, कर्मचारी या असामाजिक तत्व
शहर में अलग-अलग जगहों पर रात के समय और अलसुबह कचरा जलाने के मामले सामने आ रहे हैं। दिन में रंगड़ी रोड व सीडीएलयू के सामने खाली मैदान में कचरा जलाने का मामला सामने आया है। वहीं, रात के समय उपायुक्त आवास के पास और शहीद भगत सिंह स्टेडियम में कचरा जलाया गया।
रात के समय फायर ब्रिगेड की गाड़ी बुलाकर आग बुझाई गई। स्टेडियम में कचरा नगर परिषद के कर्मचारी ही जमा करते हैं। इसके अलावा, कई अन्य जगहों पर नगर परिषद के कर्मचारी ही कचरा डालते हैं। इसका खुलासा हड़ताल के दौरान हुआ है। चर्चाएं हैं कि जल्द ही स्वच्छता सर्वेक्षण को लेकर टीम आने वाली है।
हड़ताल के बाद कचरा प्लांट में कचरा निस्तारण पूरी तरह से नहीं हो पा रहा है। इसलिए गर्मी का बहाना लेकर कचरे को कम करने की प्रक्रिया चल रही है। अब यह सही है या गलत। जांच में सामने आएगा।
कोट्स
मुख्यालय के आदेशों पर आज जांच की गई है। कुछ पॉइंट साफ मिले थे तो एक जगह पर डंपिंग पॉइंट से कचरा नहीं उठा था। सफाई शाखा के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं। वहीं, रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दी जाएगी।
-जयवीर सिंह डूडी, एक्सईएन
कोट्स
हिसार से आई स्पेशल टीम ने शिकायत के आधार पर सफाई व्यवस्था की जांच की है। अधिकतर पॉइंट पर सफाई मिली है। जहां नहीं थी वहां एजेंसी को नोटिस जारी किया जाएगा। नियमित रूप से सफाई करवाई जाएगी। टीम ने रिकॉर्ड मांगा था जो उन्हें उपलब्ध करवा दिया गया है।
-जयवीर सिंह, सीएसआई, नगर परिषद