संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। प्रवेश उत्सव को लेकर शिक्षा विभाग एक्टिव मोड में आ गया है। इस दौरान जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी स्वयं फील्ड में उतरकर दाखिला बढ़ाने को लेकर काम करेंगे। इसकी रूपरेखा तैयार हो गई है, एक या दो दिनों में विभाग की टीम फील्ड में उतर जाएंगी।
नए शिक्षा सत्र के तहत राजकीय स्कूलों में प्रवेश उत्सव 23 मार्च से शुरू हो जाएगा, जो 15 दिन तक लगातार चलेगा। ऐसे में शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ छात्राओं की घटती संख्या को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। सरकारी स्कूलों में ज्यादा से ज्यादा दाखिले हो, इसके लिए अध्यापक डोर-टू-डोर सर्वे करेंगे। जहां एक ओर आमजन को सरकारी स्कूलों और शिक्षा विभाग की योजनाओं और सुविधाओं के बारे में बताया जाएगा वहीं दूसरी ओर छात्राओं का ड्रॉपआउट रोकने के लिए भी प्रयास किए जाएंगे।
राजकीय स्कूलों में दाखिलों में कमी के कारण
- सरकारी विद्यालयों में दाखिला प्रक्रिया में पेचीदगी और तत्परता की कमी।
- कुछ विशेष वर्गों में माता-पिता की बालिका शिक्षा के प्रति अरुचि।
- नए विद्यार्थियों के स्वागत की तैयारी का अभाव।
- स्कूल स्तरीय कठिनाइयां और जनसंपर्क की समस्या।
- प्रवासी मजदूरों, अर्बन स्लम बस्तियों में सर्वे का न होना।
- पांच साल के बाद दाखिला होना
इन सुविधाओं के बारे में बता विद्यार्थियों को लुभाने का किया जाएगा प्रयास
- विद्यार्थियों का नियमित मूल्यांकन और अवसर मोबाइल एप के माध्यम से परीक्षा।
- सुपर-100 स्कीम के तहत नीट और जेईई की निशुल्क तैयारी के लिए प्रशिक्षण।
- हर माह बच्चे और अभिभावकों के साथ शिक्षकों की बैठक।
- बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों के लिए निशुल्क जांच शिविर।
- अनुसूचित जाति के छठी एवं नौवीं के विद्यार्थियों के लिए मुफ्त साइकिल सुविधा।
- विद्यार्थियों को मुफ्त वर्दी, पुस्तकें, स्कूल बैग और स्टेशनरी।
- विद्यार्थियों के लिए अनेक प्रकार की छात्रवृत्ति।
- विज्ञान के प्रति विद्यार्थियों की रुचि बढ़ाने के लिए योजना।
- विद्यार्थियों के लिए स्कूल आने-जाने के लिए परिवहन योजना
वर्जन
राजकीय स्कूलों के शिक्षकों को विद्यार्थियों के दाखिले करवाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। 23 मार्च से प्रवेश उत्सव शुरू होगा। इस दौरान मैं स्वयं फील्ड में उतरकर शिक्षकों, एबीआरसी, बीआरसी, स्कूल मुखियाओं को दाखिलों को लेकर लक्ष्य दूंगा।
- बूटाराम, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सिरसा।