सिरसा। शहर में इन दिनों अवैध निर्माण धड़ल्ले से चल रहे हैं। नियमित जेई और एमई के पास चार्ज नहीं होने के कारण पिछले दो माह से इन अवैध निर्माण करने वालों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। हैरानी की बात यह है कि म्यूनिसिपल एक्ट को दरकिनार कर इन दिनों नगर परिषद में कार्य धड़ल्ले से किए जा रहे हैं। एक्ट के अनुसार नियमित जेई और एमई का नक्शे पास करने की प्रक्रिया में शामिल होना जरूरी है। इनके होते हुए हरियाणा कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों को नक्शा पास करने की पावर नहीं दी जा सकती है। क्योंकि इसमें भ्रष्टाचार की आशंका सबसे ज्यादा होती है।
ऐसे में नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी ने आदेश जारी कर नियमित जेई और एमई के होते हुए हरियाणा कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों को नक्शा जांच करने, मौका निरीक्षण और कार्रवाई की पावर दी है। जबकि फाइनल साइन करने की पावर अपने पास ही रखी है। ऐसे में एक बार फिर कांग्रेसी नेताओं ने नगर परिषद की इस कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। ऐसे में नगर परिषद से नित नए विवादित मामले सामने आने लगे हैं।
यह है नियम
म्यूनिसिपल एक्ट के अनुसार नक्शा पास करने के लिए नियमित जेई और एमई का होना जरूरी है। क्योंकि तकनीकी दिक्कतों के बारे में दोनों को जानकारी होती है और इंजीनियरिंग के नियम ही इसमें लागू होते हैं। एचकेआरएन के जेई को कार्यभार दिया जाता है, लेकिन फिर भी नियमित एमई का होना जरूरी है।
क्यों उठ रहे हैं सवाल
1. पूर्व में यहां पर जो जेई था उसने 100 से ज्यादा भवन निर्माण करने वाले मालिकों को नोटिस जारी किए थे। जिसके कुछ दिनों बाद ही उनका तबादला हो गया।
2. दो साल में एक भी भवन पर नगर परिषद की ओर से नहीं की गई कोई कार्रवाई।
3. नगर परिषद कार्यालय के 100 मीटर के दायरे में ही अवैध निर्माण धड़ल्ले से चल रहे हैं।
4 . शहर की नामी समाजसेवी संस्थाओं की बन रही बहुमंजिला इमारतों के नक्शे पास नहीं हैं। जिनका कार्य जारी है।
5. कई नेताओं के बिना नक्शे के कॉमर्शियल निर्माण जारी हैं।
20 मार्च 2024 को जारी पत्र में यह दिए गए हैं आदेश
1. नियमित जेई प्रवीण कुमार से कनिष्ठ अभियंता राहुल को कार्यभार दिया गया है। आदेशों में लिखा गया है कि नक्शे पास को लेकर कोई गलती होती है जेई राहुल निजी रूप से जिम्मेदार होंगे।
2. नगर निगम में कौशल रोजगार निगम के तहत बतौर आर्किटेक्ट लगीं कंवलजीत कौर को अपने मूल कार्य के अतिरिक्त भवनों के नक्शे और उनकी आने वाली शिकायतों पर कार्रवाई करेंगी। नियमित एमई की जगह आर्किटेक्ट कंवलजीत कौर फाइलों का निपटान करेंगी।
कोट्स
तोरण द्वार, बस क्यू शेल्टर व मनमर्जी से आदेश जारी कर भ्रष्टाचार करने मामले में कार्यकारी अधिकारी के खिलाफ मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को दस्तावेज पेश करेंगे। मुख्यमंत्री से नहीं मिलने दिया गया तो निजी तौर पर यूएलबी डायरेक्टर को दस्तावेज भेजेंगे। भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पूरी कोशिश की जाएगी।
-वेद भाट, युवा कांग्रेसी नेता।
कोट्स
हमारे पास आदेश थे और मैंने चार्ज छोड़ दिया था। मुझे दूसरे चार्ज दे दिए गए थे।
-प्रवीण शर्मा, जेई, नगर परिषद।