सिरसा। बहुत से लोग ऐसे हैं, जो कीचड़ में फंसे रहते हैं। उन्हीं वहीं थोड़ा बहुत जलपान मिलता रहता है। कुछ लोगों को कीचड़ में खिला हुआ कमल दिखाई दे जाता है। वह उसकी सवारी करते हैं और आनंद लेते हैं। कभी कभी कुछ लोग कमल पर चढ़ जाते हैं, उनके मन में रहता है कि वहां ज्यादा मजा था। वह दोबारा कीचड़ में चले जाते हैं। उक्त बातें बीरेंद्र सिंह और भूपेंद्र सिंह हुड्डा की अनबन पर चुटकी लेते हुए पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने सिरसा दौरे के दौरान कही।
मनोहरलाल ने कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा पर निशाना साधते हुए कहा कि इससे अच्छा होता की भारत जोड़ों के नाम पर अपनी पार्टी को जोड़ लेते। इस दौरान उन्होंने उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के स्थापना दिवस पर मोटरसाइकिल रैली को झंडी दिखाकर रवाना किया। जिसके बाद उन्होंने पार्टी के लोकसभा कार्यालय में भाजपा के मुख्य कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात की और उन्हें चुनावों को लेकर आवश्यक निर्देश दिए।
इस दौरान उनके साथ लोकसभा प्रत्याशी डॉ. अशोक तंवर, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. कमल गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष निताशा सिहाग, फतेहाबाद के विधायक दूड़ाराम, रतिया के विधायक लक्ष्मण नापा, चेयरमैन आदित्य देवीलाल, चेयरमैन देव कुमार शर्मा, मीडिया प्रभारी अमित सोनी सहित भाजपा के अनेक पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने प्रत्याशी बदलने की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए कहा कि दूसरे दलों के लोग अपनी चिंता करें तो बेहतर हैं। भ्रामक प्रचार किया जा रहा है कि भारतीय जनता पार्टी चार सीटों पर प्रत्याशी बदलेगी। भारतीय जनता पार्टी एक बार निर्णय लेती है, वह फाइनल होता है। पार्टी के सभी निर्णय बड़े सोच समझ कर लिए जाते हैं। पार्टी की 10 लोकसभा और एक उपचुनाव को लेकर तैयारियों जोरों से चल रही है। दूसरों दलों से पार्टी तैयारियों को लेकर आगे चल रही है।
जेजेपी के साथ गठबंधन पार्टियों का नहीं था
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जेजेपी के साथ भाजपा का गठबंधन कभी नहीं हुआ है। सरकार में उनकी भी आवश्यकता थी और हमारी भी, दोनों ने मिलकर सरकार चलाई। आज अलग हुए हैं तो सरकार से अलग हुए हैं। वहीं सीटें जीतने के सवाल पर कहा कि विपक्ष का दल सीटें जीतने को लेकर दावा करे तो करे, पर सीटें तो जनता ने जितानी हैं। हम अपनी मेहनत के आधार पर उम्मीद कर सकते हैं कि सभी दस सीटें जीतेंगे।
भाजपा का किसानों ने कभी विरोध नहीं किया
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा का किसानों ने कभी विरोध नहीं किया है। इक्का दुक्का विरोध दूसरे दलों का देखा है, जो कि नहीं होना चाहिए। लोकतंत्र के अंदर सभी की अपनी आवश्यकता होती है। सभी दलों को अपनी बात रखने का अधिकारी है। कोई किसी को किसी गांव में जाने से रोक नहीं सकता है। उन्होंने कहा कि हमें चुनाव आयोग पर पूर्ण विश्वास है। विरोध न होने देने की जिम्मेदारी चुनाव आयोग की है। वहीं उन्होंने कहा कि हमने कभी दिल्ली जाने से किसानों को नहीं रोका। बस , जिस साधन का प्रयोग वह दिल्ली जाने के लिए कर रहे थे। उस पर हमारा विरोध था। किसान बस, रेल, निजी वाहनों से दिल्ली जाते तो उन्हें कोई नहीं रोकता, अब भी नहीं रोका गया। ट्रैक्टर को मॉडीफाई कर दिल्ली जाना गलत था। दिल्ली जाने वाले सभी किसान नहीं थे। कुछ लोग ऐसा सीन पैदा करना चाहते थे, जो गलत होता। पिछले किसान आंदोलन में लाल किले पर जो हुआ पूरी दुनिया ने देखा। उस दौरान हरियाणा के दो बॉर्डर एक साल तक बंद रहे। आमजन और करोड़ों रुपये के व्यापार का नुकसान हुआ। प्रदेश की जनता के भी कुछ अधिकार होते हैं। पर इस बार सरकार ने ऐसा नहीं होने दिया और पूरी तरह से कामयाब रही।