5 लाख रुपये प्रति इकाई अथवा 15 लाख रुपये प्रति 30 किलोवाट तक मिलेगी सहायता राशि
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। मत्स्य पालन विभाग हरियाणा की ओर से संचालित सघन मत्स्य विकास कार्यक्रम के तहत मत्स्य एवं झींगा पालन को बढ़ावा देने के लिए सौर प्रणाली यानी सोलर पंप सेट लगाने पर किसानों को अनुदान प्रदान किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य मत्स्य पालकों की उत्पादन लागत कम करना, ऊर्जा की बचत करना तथा आधुनिक तकनीकों के माध्यम से मत्स्य व्यवसाय को अधिक लाभकारी बनाना है।
जिला मत्स्य अधिकारी ने बताया कि योजना के तहत सोलर सिस्टम स्थापित करने पर कुल परियोजना लागत का 60 प्रतिशत अनुदान दिया जाएगा। अधिकतम 5 लाख रुपये प्रति इकाई अथवा 15 लाख रुपये प्रति 30 किलोवाट तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी। यह अनुदान मत्स्य पालन गतिविधियों जैसे आरएएस (रीसर्कुलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम), बायो-फ्लॉक, झींगा एवं मछली पालन, प्रसंस्करण संयंत्र, चारा संयंत्र तथा अन्य मत्स्य आधारित औद्योगिक परियोजनाओं के लिए उपलब्ध होगा।
जिला मत्स्य अधिकारी जगदीश चंद्र ने बताया कि यह योजना किसानों और मत्स्य पालकों को सौर ऊर्जा आधारित आधुनिक तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी। इससे बिजली पर निर्भरता कम होगी और उत्पादन लागत में कमी आएगी। इसके साथ ही मत्स्य उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि करने में भी सहायता मिलेगी। उन्होंने पात्र लाभार्थियों से योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है।
न्यूनतम ढाई एकड़ भूमि पर मत्स्य पालन क्षेत्र आवश्यक
जिला मत्स्य अधिकारी ने बताया कि योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) होना अनिवार्य है। लाभार्थी हरियाणा का स्थायी निवासी होना चाहिए तथा उसकी आयु 18 वर्ष से कम नहीं होनी चाहिए। आवेदक किसी सरकारी अथवा अर्ध-सरकारी संस्था में कार्यरत नहीं होना चाहिए। इसके अलावा, न्यूनतम 2.5 एकड़ भूमि पर मत्स्य या झींगा पालन किया जाना आवश्यक है। एक लाभार्थी को एक इकाई पर केवल एक बार ही अनुदान का लाभ मिलेगा। आवेदन के साथ विभाग द्वारा निर्धारित आवेदन पत्र, जन्म प्रमाण पत्र अथवा शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पहचान पत्र, मत्स्य प्रशिक्षण प्रमाण पत्र, भूमि संबंधी दस्तावेज, जीएसटी भुगतान बिल, रसीद या वाउचर तथा सोलर सिस्टम सहित साइट के फोटो जमा करवाने होंगे। यदि भूमि किराये पर ली गई है तो न्यूनतम सात वर्ष के लिए पंजीकृत पट्टानामा भी प्रस्तुत करना होगा।