चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में डिजिटलाइजेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एकीकृत विश्वविद्यालय प्रबंधन प्रणाली (आईयूएमएस) लागू की जाएगी। इस प्रणाली के लागू होने से विश्वविद्यालय के कर्मचारियों और विद्यार्थियों का सारा डाटा ऑनलाइन उपलब्ध होगा, और विद्यार्थी क्लास रूम के बाद भी प्राध्यापकों से जुड़े रहेंगे।
इस प्रणाली से जहां एक ओर पारदर्शिता को बढ़ावा मिलेगी वहीं दूसरी ओर समय तथा धन दोनों की बचत होगी। विवि प्रशासन के अनुसार यह सारा कार्य विवि की आईटी (सीआईटीआईटी) सेल की देखरेख में होगा और इसे पूर्ण रूप से लागू करने के लिए भारत सरकार के आईटीआई लिमिटेड का सहयोग लिया जाएगा। विश्वविद्यालय की आईटी (सीआईटीआईटी) सेल इसे परिसर में क्रियान्वित करेगी। मार्च 2021 तक इसे लागू कर दिया जाएगा।
यह होगा फायदा
विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार विवि का संपूर्ण डाटा आईयूएमएस के माध्यम से ऑनलाइन किया जाएगा। इस प्रक्रिया में फाइल ट्रेसिंग सिस्टम होगा, जिससे कार्य समय पर होगा और कार्य समय पर न करने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी। यह प्रणाली निर्णय लेने की प्रक्रिया को भी सुदृढ़ करेगी और किसी भी फाइल पर कोई भी निर्णय लेते वक्त किसी भी प्रकार की सूचना व अधिसूचना की जानकारी संबंधित अधिकारी को सिंगल क्लिक पर उपलब्ध होगी। इस प्रणाली के तहत फैकल्टी व स्टूडेंट्स के इंटरेक्शन में भी वृद्धि होगी। विद्यार्थी क्लास रूम के बाद में प्राध्यापकों से जुड़े रहेंगे और किसी भी समस्या का समाधान हेतु कक्षाओं के उपरांत भी प्राध्यापकों से मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे। विश्वविद्यालय के कर्मचारियों का सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन होगा। उनकी सर्विस बुक, ऑफिस प्रबंधन से संबंधित सभी दस्तावेज इस पर उपलब्ध होंगे। कर्मचारी छुट्टी, लोन, सैलरी स्लिप, प्रमोशन के लिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकेंगे। वर्तमान में विद्यार्थियों से फीस ऑनलाइन ली जा रही है और इस प्रणाली के लागू होने के बाद ऑनलाइन पंजीकरण होगा और ऑनलाइन ही विद्यार्थी पाठ्यक्रमों का चयन कर पाएंगे। इस वर्चुअल प्लेटफार्म पर विद्यार्थियों से संबंधित जानकारी चौबीसों घंटे उपलब्ध होगी। अच्छे शोध कार्यों के लिए ई-पुस्तकालय तथा संदर्भ सामग्री की व्यवस्था भी इस माध्यम पर सुनिश्चित की जाएगी।
वर्जन
एकीकृत विश्वविद्यालय प्रबंधन प्रणाली लागू से होने से कर्मचारियों व विद्यार्थियों को दोनों को फायदा होगा। उम्मीद है कि मार्च तक इस प्रणाली को विवि में लागू कर दिया जाएगा।
-प्रो. अजमेर सिंह मलिक, कुलपति, सीडीएलयू।