चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के सीवी रमन भवन के कमेटी कक्ष में मंगलवार को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की बारहवीं व दसवीं की परीक्षा में जिले में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पर आने वाले विद्यार्थी सम्मानित हुए। अमर उजाला की ओर से मेधावी सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
समारोह में चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय के वीसी राजबीर सिंह सोलंकी मुख्य अतिथि थे। उन्होंने दसवीं व बारहवीं के प्रथम तीन स्थानों पर आने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया। साथ ही उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए कुछ जीवन मूल्यों को अपनाने का संदेश दिया। वीसी राजबीर सिंह सोलंकी ने अमर उजाला द्वारा मेधावी छात्र सम्मान समारोह का आयोजन करने पर प्रशंसा व्यक्त करते हुए कहा कि अमर उजाला पत्रकारिता के क्षेत्र के साथ साथ सामाजिक कार्यों में भी पूर्ण सहयोग दे रहा है। उन्होंने प्रबंधन को इस समारोह के लिए साधुवाद दिया। इस मौके पर बारहवीं में खुशबू, परनीत कौर, दसवीं की परीक्षा में मनुरीत कौर, विनय कुमार, छात्रा कीर्ति व लवप्रीत कौर को सम्मानित किया गया।
वीसी राजबीर सिंह सोलंकी ने उपस्थित मेधावी छात्रों को कहा कि जीवन में उन्नति करने के लिए आप लोगों को अपने आप को समझना होगा। बारहवीं व दसवीं की परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन आपने किया है। खुद को समझ लोगें तो अगले वर्ष प्रदर्शन ओर बेहतर होगा। व्यक्ति से प्रतिस्पर्धा नहीं करनी, बल्कि खुद से प्रतिस्पर्धा करनी चाहिए। अब आपकी उन्नति करने की शुरूआत है। इसलिए जीवन में सफलता के मायने समझने चाहिए। आपकी सफलता के पीछे जिनका योगदान है, उन्हें मत भूलना। यह योगदान आपके गुरु और अभिभावकों का है। अब वो समय गया जब पर्ची या सिफारिश से नौकरी लगती थी, अब नहीं लगेगी। वीसी सोलंकी ने कहा कि जीवन में उन्नति करने की प्रतिभा हमारे अंदर ही छिपी होती है। स्वयं को पहचान जाओगे, उसी दिन सफल हो जाओगे। जीवन जीने की कला है। इसलिए जीवन में मूल्यों का होना जरूरी है। सफल होने के लिए बेईमानी और झूठा का तरीका नहीं अपनाना चाहिए। उन्होंने बच्चों को अपने जीवन का परिचय देते हुए कहा कि उनके पिता किसान थे। पिता जी अंगूठा लगाते थे, लेकिन जब इंसान कुछ करने की ठान लेता है तो वह क्या नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि हरियाणा की लड़कियों में असीमित प्रतिभा छिपी है। जब भी दुनिया में भारत की चर्चा होती है तो हरियाणा का नाम अवश्य आता है। हरियाणा की बेटियों के विश्वस्तर पर नाम कमाया है। बच्चों को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने का संदेश देते हुए कहा कि उचित स्वास्थ्य खुश रहने के लिए जरूरी है। अभिभावकों से भी कहा कि जब तक आप खुुश नहीं तब तक बच्चे भी खुश नहीं रह सकते। वीसी ने बच्चों का समय का सदुपयोग करने का संदेश दिया। इस मौके पर विभागाध्यक्ष प्रोफेसर उमेद सिंह, पंजाबी विभाग के प्रभारी डॉ. सेवा सिंह बाजवा, हिंदी विभाग के प्रभारी डॉ. अमित सांगवान, संस्कृत विभाग के प्रभारी डॉ. रविंद्र उपस्थित थे।
छात्रा ने पूछा सवाल, वीसी ने दिया जवाब
वीसी राजबीर सिंह सोलंकी ने बच्चों को प्रश्न पूछने का अवसर दिया। छात्रा कीर्ति ने कहा कि लोगों की व्यवहार की पहचान कैसे की जा सकती है। वीसी ने कहा कि पहचानने की क्षमता व्यक्ति के अंदर पैदा करनी होती है। जब व्यक्ति खुद को समझ लेता है, उसे दूसरों की पहचान करने में कोई दिक्कत नहीं आती।