संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय (सीडीएलयू) में नशा मुक्त युवा- विकसित भारत अभियान के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयोजित हुआ। यह यूनिवर्सिटी स्कूल फॉर ग्रेजुएट स्टडीज और प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में था।
कुलगुरु विजय कुमार ने कहा कि नशा व्यक्ति के स्वास्थ्य के साथ परिवार, समाज और राष्ट्र के विकास को प्रभावित करता है। उन्होंने नशामुक्त समाज निर्माण को राष्ट्र निर्माण की जिम्मेदारी बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी ऊर्जा शिक्षा, शोध, नवाचार और रचनात्मक गतिविधियों में लगाने को कहा।
कुलगुरु ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी पूंजी हैं। विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा जब युवा स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक सोच वाले होंगे। उन्होंने विद्यार्थियों को आत्मबल विकसित कर सकारात्मक लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
यूएसजीएस के डीन मोहम्मद काशिफ किदवई ने कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की रीढ़ होते हैं। देश का भविष्य युवाओं के मजबूत चरित्र और स्वस्थ मानसिकता पर निर्भर करता है। उन्होंने विद्यार्थियों से नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।
‘माई भारत अभियान’ के नोडल अधिकारी डॉ. रविंद्र ने कहा कि विकसित भारत के लिए युवाओं का नशामुक्त और ऊर्जावान होना जरूरी है। मुख्य वक्ता ब्रह्माकुमारी प्रिया और सिमरजीत ने नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि सकारात्मक सोच, आत्मबल और राजयोग मेडिटेशन से युवा व्यसन से दूर रह सकते हैं। कार्यक्रम में विद्यार्थियों और प्राध्यापकों को जीवनभर नशा न करने की शपथ दिलाई गई।