सिरसा। जिले में शिक्षकों के कई पद खाली हैं। इससे विद्यार्थियों की पढ़ाई में बाधा आ रही है। इस कमी को पूरा करने के लिए शिक्षा विभाग ने नई योजना बनाई है। इसके तहत स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए छात्राध्यापकों का सहयोग लिया जाएगा। अगर छात्राध्यापक मान जाते हैं तो वह शिक्षकों की कमी वाले राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों को पढ़ाएंगे।
जिले के राजकीय स्कूलों में शिक्षकों की संख्या बढ़ाने के लिए विभाग छात्राध्यापकों की मदद लेने की तैयारी कर रहा है। विभाग के मुताबिक विभिन्न स्कूलों में प्रशिक्षण ले रहे जेबीटी और बीएड के विद्यार्थियों का सहयोग लिया जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से एक कमेटी गठित की गई है जो शिक्षा व्यवस्था पर निरंतर नजर रखेगी। इस कमेटी में जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, डीपीसी, एपीसी आदि अधिकारी शामिल हैं।
पंचायत का सहारा लेकर, युवाओं को करेंगे प्रेरित
जिन स्कूलों में शिक्षकों की कमी है, उन गांवों के शिक्षित युवाओं से सरकारी स्कूल के बच्चों को पढ़ाने में सहयोग लिया जाएगा। गांव के सरपंच की सहायता लेकर गांव के शिक्षित युवाओं को शिक्षा विभाग प्रेरित करेगा। युवाओं की योग्यता के अनुसार उन्हें कक्षाएं आवंटित की जाएंगी। विभागीय अधिकारियों के अनुसार सरकार की ओर से खाली पद भरे जाने तक ऐसी व्यवस्थाएं बनाकर विद्यार्थियों को पढ़ाने का काम जारी रहेगा।
पिछले साल 188 स्कूलों का परिणाम रहा था खराब
जिले में 2022-23 शिक्षा सत्र में 188 स्कूलों में दसवीं और बारहवीं कक्षाओं का बोर्ड परीक्षा परिणाम खराब रहा था। शिक्षा विभाग ने इन स्कूलों को नोटिस भेजकर कारण पूछा था। ऐसे में इन विद्यालयों में शिक्षकों की कमी होने की सूचना लिखित में मिली थी। प्राचार्यों का कहना था कि स्कूलों में शिक्षकों की संख्या बढ़ाने के लिए विभाग की ओर से योजना बनाई जा रही है।
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शिक्षा विभाग की ओर से नई योजना बनाई गई है। इसके तहत राजकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को पढ़ाने के लिए छात्राध्यापकों से कहा जाएगा। गांव के शिक्षित युवाओं को भी इसके लिए विभाग प्रेरित करेगा। -
ज्ञान सिंह, जिला शिक्षा अधिकारी, सिरसा।