सीडीएलयू में अनुबंधित प्राध्यापकों की हड़ताल को शुक्रवार के तीसरे दिन अनुबंधित प्राध्यापकों के समर्थन में उतरे छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय के टैगोर भवन व सीवी रमन इमारतों में तालाबंदी कर दी। वहीं आउटसाइडर के प्रवेश को रोकने के लिए विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मचारियों ने सीडीएलयू में प्रवेश करने वाले हर छात्र का आई कार्ड चेक किया। वहीं दोपहर को एक अनुबंधित प्राध्यापिका वंदना की तबीयत बिगड़ गई। उसे सिविल अस्पताल में ले जाया गया और प्राथमिक उपचार के बाद अनशन स्थल पर छोड़ दिया गया।
अनुबंधित प्राध्यापकों के समर्थन में छात्र संगठनों ने सुबह टैगोर भवन व सीवी रमन भवन के गेट के बाहर तालाबंदी कर दी। छात्र संगठन के पदाधिकारी अमृत मान, संजय बिश्नोई, जस्सी, कुलविंद्रर सिंह ने इससे पहले सभी कक्षाओं में जाकर अपील की कि अनुबंधित प्राध्यापकों का साथ दें। उन्होंने कहा कि कल को हम में से ही कोई यहां प्राध्यापक बनेगा तो हमें इसी मुश्किल का दोबारा सामना करने पड़ेगा। जिसके बाद सभी विद्यार्थी कक्षाओं को छोड़कर अनुबंधित प्राध्यापकों के पक्ष में छात्र संगठन के साथ चल पड़े। विद्यार्थियों ने टैगोर भवन से धरना स्थल तक सीडीएलयू प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। जिसके बाद विद्यार्थियों अनुबंधित प्राध्यापकों के साथ मिल धरना स्थल पर उनके साथ समर्थन में बैठ गए।
छात्र सगंठन ने बनाई ज्वाइंट स्टूडेंट एक्शन कमेटी
अनुबंधित प्राध्यापकों के समर्थन में उतरे 10 छात्र संगठनों ने 10 सदस्यों की ज्वाइंट स्टूडेंट्स एक्शन कमेटी का गठन किया। ज्वाइंट स्टूडेंट एक्शन कमेटी के बैनर के नीचे संगठन के सदस्यों ने कक्षाओं का पूर्ण रूप से बहिष्कार करने व अनुबंधित प्राध्यापकों का साथ देने का फैसला लिया है। जिसके बाद विद्यार्थियों द्वारा कक्षाओं का बहिष्कार किया गया। ज्वाइंट स्टूडेंट एक्शन कमेटी के सदस्यों का कहना है कि अनुबंधित प्राध्यापकों के धरने पर बैठने से पहले ही कक्षाएं नहीं लग रही थी। उन्होंने कहा कि जब तक अनुबंधित प्राध्यापकों की मांगे नहीं मानी जाती तब तक वह कक्षाएं नही लगाएंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द अनुबंधित प्राध्यापकों की मांगों को पूरा करे।
दोपहर दो बजे अनशन पर बैठी प्राध्यापिका वंदना की तबीयत बिगड़ी
अनुबंधित प्राध्यापकों की भूख हड़ताल के तीसरे दिन दोपहर दो बजे चार अनुबंधित प्राध्यापकों में से एक प्राध्यापिका वंदना की तबीयत बिगड़ गई। उसे साथी प्राध्यापकों ने पहले कम्युनिटी हेल्थ सेंटर ले जाकर चेकअप करवाया, इसके बाद उसे सिविल अस्पताल ले जाया गया। सिविल अस्पताल में उसे ग्लूकोज दिया गया। ब्लड सैंपल टेस्ट करने के बाद और प्राथमिक उपचार के बाद अन्य प्राध्यापक उसे वापस धरना स्थल पर ले आए।
एचएसए के छात्रों का तुड़वाया अनशन
वहीं दूसरी ओर वीरवार शाम को अनुबंधित प्राध्यापकों के समर्थन में बैठे एचएसए के छात्र नेताओं का अनशन ईसी सदस्य ईश्वर मलिक ने तुड़वा दिया। अनुबंधित प्राध्यापकों ने भी छात्रों को अपना अनशन समाप्त करने के लिए कहा था। एसएचए के 6 छात्र वीरवार शाम को अनशन पर बैठे थे। प्रोफेसर ईश्वर मलिक ने जूस पिलाकर उनका अनशन तुड़वाया।