सिरसा। स्नातक में दाखिलों को लेकर विद्यार्थी अपनी फीस जमा करवाने वीरवार को बैंक में पहुंचे। लेकिन बैंक ने आरटीजीएस के माध्यम से फीस जमा करवाने के लिए बच्चों से चेकबुक लेकर आने के लिए कहा। लेकिन छात्रों के पास चेकबुक नहीं थी। क्योंकि बैंक 18 साल से कम उम्र के व्यक्ति को चेकबुक जारी नहीं करता। इसलिए आरटीजीएस से कॉलेजों में फीस जमा होने में दिक्कतें आई। ऐसे में नेशनल कॉलेज ने अपने स्तर पर स्वाइप मशीन का इंतजाम किया और छात्रों की फीस भरवानी शुरू की।
जानकारी के अनुसार डायरेक्टर ऑफ हायर एजुकेशन ने बीते दिन सभी कॉलेजों में एक पत्र जारी किया था कि दाखिला करवाने वाले छात्र अपनी फीस किसी भी बैंक में दे सकते हैं। वीरवार को कॉलेज से छात्र चालान कटवाकर जब बैंकों में पहुंचे तो बैंकों ने बच्चों को फीस भरने से मना कर दिया कि कहा कि वे चैक बुक लेकर आएं। जिसके बाद नेशनल कॉलेज के विद्यार्थी कॉलेज में पहुंचे। जहां पर कॉलेज प्रशासन ने अपने स्तर पर स्वाइप मशीन के द्वारा बच्चों की फीस जमा करवाई बीए प्रथम वर्ष में एडमिशन लेने आए हरविंदर सिंह, बीएससी में एडमिशन लेनी आई छात्रा अंजू और प्रीति ने बताया कि वह पहले कॉलेज से फीस का चालान कटवाकर गए। इसके बाद बैंक ने उन्हें कहा कि वह अपनी फीस चैक के द्वारा दें तभी उनकी फीस लीी जाएगी। दूसरी ओर बैंक अधिकारी ने बताया कि आरटीजीएस के द्वारा बच्चों की फीस काटी जाती है। लेकिन आरटीजीएस के द्वारा फीस काटने के लिए चैक बुक होना अनिवार्य है। उसी के माध्यम से छात्र अपनी फीस जमा करवा सकता है। लेकिन वहीं एनईएफटी के माध्यम से बच्चा ऑनलंाइन पैसे बैंक के खाते से करवा सकता है। वहीं बैंक अधिकारी ने बताया कि अठारह साल से पहले किसी को भी चैक बुक जारी नहीं की जाती। इस कारण से बच्चों की फीस लेने में समस्या आ रही है। जिस पर नेशनल कॉलेज ने अपने स्तर पर स्वाइप मशीन शुरू कर दी और बच्चों की फीस लेनी शुरू कर दी। ऐसी की समस्या राजकीय महिला महाविद्यालय में छात्राओं को आ रही थी। ऐसे में राजकीय महिला महाविद्यालय में हेल्प डेस्क बनाकर आनलाइन फीस जमा करने का प्रबंध किया। कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल केके डूडी ने बताया कि फीस की दिक्कत को देखकर प्रोफेसर सुनील झोरड़ ने लेपटाप पर आन लाइन ही विद्यार्थियों के क्रेडिट और डेबिट कार्ड से फीस जमा करवाने का काम शुरू कर दिया।
शुक्रवार से होंगे स्नातक तथा स्नातकोत्तर के लिए दस्तावेजों की वेरिफिकेशन
स्नातक कक्षाओं के दाखिले को लेकर बच्चों के दस्तावेजों की वेरिफिकेशन के लिए 29 जून अंतिम तिथि थी। लेकिन डायरेक्टर ऑफ हायर एजुकेशन ने विद्यार्थियों को एक और मौका देते हुए वेरिफिकेशन के लिए छात्रों को तीन दिन ओर दे दिए। छात्र पांच जुलाई से सात जुलाई तक अपने कागजातों की वेरिफिकेशन करवा सकते हैं। जिसमें अगर कोई छात्र ने वेरिफिकेशन नहीं करवाई है वह अपनी वेरिफिकेशन करवाकर दाखिला ले सकें। वहीं शुक्रवार को स्नातकोत्तर के लिए भी कागजात वेरिफिकेशन शुरू हो जाएगी। इसमें दाखिले को लेकर छात्र अपने कागजात की वेरिफिकेशन करवा सकते हैं।
इतने छात्रों को मिला पुन: मौका
स्नातक की कक्षाओं में नेशनल कॉलेज में 590 छात्र तथा राजकीय महिला महाविद्यालय में 111 छात्राओं ने अभी तक कागजात की वेरिफिकेशन नहीं करवाई है। नेशनल कॉलेज में 4031 विद्यार्थियों ने पंजीकरण करवाया था। जिसमें से केवल 3441 विद्यार्थियों ने ही अपने कागजात की वेरिफिकेशन करवाई थी। राजकीय महिला महाविद्यालय में 1445 छात्राओं ने दाखिले के लिए अपना पंजीकरण करवाया था, लेकिन उसमें से 1324 छात्राओं ने ही अपने कागजात की वेरिफिकेशन करवाई थी। बाकि बचे छात्र पांच से सात जुलाई तक वेरिफिकेशन करवा सकते हैं।
विद्यार्थियों को बैंकों में फीस जमा करवाने में परेशानी आ रही थी। लेकिन कॉलेज प्रशासन ने अपने स्तर बच्चों की सुविधा के लिए स्वाइप के जरिए फीस लेनी शुरू कर दी। जिससे बच्चे को कहीं जाने की जरूरत नहीं पड़ी। विद्यार्थी अपने एटीएम के द्वारा वहीं पर अपनी फीस जमा करवा सकता है। कॉलेज में कैश में फीस नहीं ली जाएगी। क्योंकि कॉलेज प्रशासन को पैसे रखने में समस्या का सामना करना पड़ता है तथा साथ ही यह कैश लेस प्रणाली को बढ़ावा दे रहे हैं।
--रामकुमार जांगडा, प्राचार्य नेशनल कॉलेज सिरसा।