रोड़ी। सिंचाई विभाग नहरों में पानी की आपूर्ति सुचारु नहीं कर सका है। इस कारण 15 दिन के बजाय आठ दिन में ही नहर का पानी रोक दिया गया है। इससे चिंतित गांव रोड़ी के किसानों ने पंजाब के कुसला हेड पर जाकर नहरी विभाग के खिलाफ रोष जताया। वहीं, अधिकारी ने बताया कि नहर में पानी की आपूर्ति कम हुई है। इसलिए समय आपूर्ति का घटाया गया है।
किसान विश्वजीत सिंह, जगतार सिंह, गुरप्रीत सिंह, गुरविंदर सिंह, गमदूर सिंह, केवल सिंह, मेजर सिंह, भिंदर सिंह, राजप्रीत सिंह, बिंदर सिंह ने बताया कि पहले 15 दिन सिंचाई करने के लिए नहर में एक से 15 दिसंबर तक लगातार पानी छोड़ा जाना था लेकिन नहरी विभाग से इस साल सिर्फ आठ दिन पानी देकर नहर में आपूर्ति बंद कर दी।
इस कारण सूखे खेतों में गेहूं की बिजाई करने के बाद वह सिंचाई नहीं कर पाए हैं जबकि बुवाई के बाद फसल को पानी चाहिए। बिना पानी के बीज खराब हो जाएगा। इस कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसानों ने सिंचाई विभाग से नहरों में पानी छोड़ने की मांग की है। अन्यथा किसान आंदोलन करेंगे।
कम नहीं हो रही किसानों की परेशानी
किसानों ने बताया कि उनकी परेशानी कम नहीं हो रही है। पहले किसानों को खाद के लिए लाइन में लगना पड़ा। उसके बाद पराली प्रबंधन कराने वालों ने परेशान किया तो सरकार ने एफआईआर तक दर्ज करवा दी। अब नहरों में पानी न छोड़कर सिंचाई विभाग परेशान कर रहा है।
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हमारे क्षेत्र की नहरों में 2,800 क्यूसेक पानी पहुंचना था लेकिन इनमें सिर्फ 2,000 क्यूसेक पानी पहुंचा है। इसी से सभी किसानों को पानी की आपूर्ति की जानी है। इसलिए पहले इस क्षेत्र में बहने वाली नहरों में पानी छोड़ा गया था। अब उसे बांट कर सात दिन दूसरी ओर चोरमार क्षेत्र की नहरों में पानी छोड़ा गया है। -
संदीप शर्मा, एक्सईएन, सिंचाई विभाग।