रेलवे फाटक खोलने की मांग को लेकर जारी ग्रामीणों का आंदोलन शनिवार हो उग्र हो गया। प्रदर्शनकारियों ने नाथूसरी चोपटा मार्ग पर बने रेलवे फाटक को बंद करने के विरोध में डिंग रेलवे स्टेशन से एक किमी पहले ही रेलवे अंडरब्रिज पर हिसार से सिरसा जा रही लुधियाना ट्रेन को करीब तीन घंटे तक रोके रखा। बाद में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सौरभ सिंह, अतिरिक्त उपायुक्त शिवप्रसाद शर्मा और अन्य अधिकारियों ने दो अप्रैल तक समस्या का समाधान कराने का आश्वासन देकर ट्रेन को सिरसा के लिए रवाना करवाया। ग्रामीण कर दिन से आंदोलन कर रहे थे और उन्होंने पहले ही ट्रेन रोकने की चेतावनी दी थी, लेकिन प्रशासन ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इस वजह से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शनिवार सुबह करीब दस बजे हिसार से सिरसा जाने वाली लुधियाना ट्रेन डिंग स्टेशन पर पहुंचने वाली थी कि उससे पहले ही रेलवे अंडरब्रिज के पास ग्रामीण रेलवे ट्रैक पर बैठ गए, जिस कारण गाड़ी को रोकना पड़ा। गाड़ी रुकने की सूचना मिलने पर रेलवे अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। बाद में डिंग पुलिस और रेलवे पुलिस बल मौके पर पहुंचा, लेकिन ग्रामीणों की अधिक संख्या के चलते उनकी भी एक नहीं चली। बाद में सिरसा से पुलिस बल मौके पर बुलाया गया।
यह है समस्या
करीब दो घंटे बाद सिरसा से एसएसपी सौरभ सिंह और एडीसी शिवप्रसाद शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने रेलवे फाटक संघर्ष समिति के सदस्यों से बैठक की। बैठक में समिति सदस्यों ने कहा कि चौपटा मार्ग पर जो रेलवे फाटक था उसे बंद करके रेलवे ने रेलवे अंडरब्रिज बना दिया है, जो बेहद संकरा है। इस अंडरब्रिज से भारी वाहन नहीं गुजर पाते हैं। ऐसे में जब एक वाहन अंडरब्रिज से गुजरता है और उसी दौरान सामने से दूसरा वाहन आ जाता है तो साइड लेने में दिक्कत होती है। उनका कहना था कि क्षेत्र में कार्फी इंट भट्ठे हैं, ऐसे में इेंटों की ढुलाई का काम ट्रैक्टरों द्वारा होता है, लेकिन लोडिड ट्रैक्टर अंडरब्रिज से गुरजते समय पलट जाते हैं।
दो अप्रैल तक का दिया अल्टीमेटम
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि उनकी मांग है कि अंडरब्रिज भी चलता रहे और जिस फाटक को विभाग ने बंद किया है, उसे भी खोल दिया जाए क्योंकि इस फाटक से हरियाणा, पंजाब और राजस्थान की ओर वाहन आते-जाते हैं। रेलवे फाटक को खुलवाने के लिए ही उनका संघर्ष चल रहा है। एडीसी व एसएसपी ने ग्रामीणों को दो अप्रैल तक का आश्वासन देते हुए कहा कि फाटक को बंद करने से यदि समस्या हो रही है तो उसे खुलवाने के बारे में रेलवे अधिकारियों से बात की जाएगी। इस आश्वासन के बाद लोग रेलवे ट्रैक से उठ गए और चेतावनी दी कि यदि दो अप्रैल तक फाटक नहीं खोला गया तो वे फिर से आंदोलन करेंगे। इसके बाद ट्रेेन को सिरसा के लिए रवाना किया गया।