चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में लगातार चौथे दिन शुक्रवार को स्नातक के विद्यार्थियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रही सीएमके कॉलेज की छात्राओं ने चेतावनी दी कि यदि एक सप्ताह में खराब परीक्षा परिणाम के मामले में समाधान नहीं हुआ तो संघर्ष तेज होगा। वहीं, छात्राओं ने आरोप लगाया कि उन्हें कॉलेज प्रशासन द्वारा प्रदर्शन करने पर अंजाम भुगतने की चेतावनी दी जा रही है। छात्राओं ने चेतावनी दी कि यदि उन पर पुलिस केस बनाया गया तो वे विश्वविद्यालय में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ जाएंगी। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें पास नहीं किया गया तो न तो कक्षाएं लगाएंगी और न ही आगामी परीक्षाएं होने देंगी। इस पर वीसी ने छात्राओं को आश्वासन दिया कि सोमवार से जांच शुरू हो जाएगी। एक सप्ताह में कमेटी अपनी रिपोर्ट दे देगी। इस पर छात्राएं शांत हुई और दो घंटे नारेबाजी करने के बाद लौट गई।
शुक्रवार सुबह सीएमके कॉलेज की छात्राएं नारेबाजी करती हुई सीडीएलयू पहुंची। उन्होंने बताया कि सभी विषयों में उन्हें उम्मीद के अनुरूप अंक नहीं मिले हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से जानबूझ कर उन्हें फेल किया जा रहा है। हिंदी में शून्य अंक देकर उनकी प्रतिभा पर भी सवाल उठाया गया है।
री-वैल्यूएशन करवा सकते हैं विद्यार्थी
कुलपति डॉ. राधेश्याम शर्मा ने विश्वविद्यालय से संबंधित महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि उनके साथ कोई भी ज्यादती नहीं होेने दी जाएगी। यदि विद्यार्थियों को लगता है कि उनके अंक ठीक नहीं हैं या उत्तरपुस्तिकाओं की जांच ठीक प्रकार से नहीं की गई है तो वे पुन: मूल्यांकन करवा सकते हैं। विद्यार्थी अपनी उत्तरपुस्तिका भी देख सकते हैं। उन्होंने कहा कि विभिन्न महाविद्यालयों के प्राचार्यों, महाविद्यालयों के अधिष्ठाता डॉ. सुरेश गहलावत, परीक्षा नियंत्रक प्रो. प्रवीण आगमकर और समन्वय व परिणाम शाखा के सभी अधिकारियों से उनकी बातचीत हो चुकी है और खराब परीक्षा परिणामों को पुन: जांचने के लिए एक कमेटी का गठन कर दिया गया है। इस संबंध में पूरी पारदर्शिता बरती जाएगी।
ये होंगे कमेटी में
वीसी ने विद्यार्थियों को बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस संबंध में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक कमेटी का गठन किया है जो एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। महाविद्यालयों के अधिष्ठाता प्रो. सुरेश गहलावत इस कमेटी के संयोजक होंगे, जबकि परीक्षा नियंत्रक प्रो. प्रवीण आगमकर, प्रो. असीम मिगलानी, संबंधित महाविद्यालयों के प्राचार्य व संबंधित विषयों के वरिष्ठ प्राध्यापक इसके सदस्य होंगे। विश्वविद्यालय के उपकुलसचिव रमेश मेहता इस कमेटी के सदस्य सचिव होंगे। कुलपति ने विद्यार्थियों से अनुरोध किया कि वे पढ़ाई की ओर ध्यान दें और नियमित रूप से कक्षाएं लगाएं। विद्यार्थियों को यदि किसी भी प्रकार की कोई समस्या है तो वे अपने महाविद्यालयों के प्राचार्य के माध्यम से अपनी बात विश्वविद्यालय प्रशासन तक पहुंचा सकते हैं।
सोमवार से शुरू हो जाएगी जांच
महाविद्यालयों के अधिष्ठाता प्रो. सुरेश गहलावत ने बताया कि इस संबंध में सभी डिग्री कॉलेजों के प्राचार्यों की बैठक शनिवार को कुलपति डॉ. राधेश्याम शर्मा की अध्यक्षता में उनके कार्यालय में होगी। सभी प्राचार्यों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने महाविद्यालयों का विषयवार परीक्षा परिणाम साथ लाएं। बैठक में इस बात पर भी चर्चा होगी कि किन-किन विषयों के परिणामों में त्रुटि की शिकायतें प्राचार्य को या विश्वविद्यालय को मिली हैं। इसके बाद कुलपति द्वारा बनाई गई कमेटी सोमवार से अपना कार्य करना शुरू कर देगी और एक सप्ताह के अंदर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। विद्यार्थियों की उत्तरपुस्तिकाओं की रेंडमली जांच के आदेश भी कुलपति ने ब्रांच अधिकारियों को दिए हैं। इस अवसर पर प्रो. विक्रम सिंह, प्रो. असीम मिगलानी, अमित सांगवान और सतीश विज आदि उपस्थित थे।
50 प्रतिशत विद्यार्थी भी नहीं हो पाते पास
डिप्टी रजिस्ट्रार रमेश मेहता ने बताया कि ऐसा नहीं है कि इस बार ही कम रिजल्ट आया है। हर सेमेस्टर में रिजल्ट इतना ही होता है। बीए का परिणाम इस बार 29.40 प्रतिशत रहा, जबकि बीकॉम का परिणाम 34.85 रहा है। सीडीएलयू के तहत बीए का परीक्षा परिणाम पिछले वर्षों की तुलना में कम नहीं है। पिछले साल भी जांच कमेटी की रिपोर्ट में यह बात साफ हो चुकी है।
यह रहा पिछले सेमेस्टर का परिणाम
सेमेस्टर वर्ष पास प्रतिशत अंग्रेजी में पास प्रतिशत
पहला दिसंबर 2011 27.47 47
दूसरा मई 2012 13.76 34
तीसरा दिसंबर 2012 31.66 39
चौथा मई 2013 46.12 32
पांचवां दिसंबर 2013 29.40 37
यूं चला घटनाक्रम
- 18 मार्च को राजकीय नेशनल कॉलेज की छात्राओं ने सीडीएलयू में वीसी ऑफिस में खराब रिजल्ट के विरोध में तोड़फोड़ की
- 19 मार्च को सीएमके कॉलेज की छात्राओं ने सीडीएलयू के गेट के बाहर जोरदार प्रदर्शन कर पेपर दोबारा चेक करने की मांग की
- 20 मार्च को डबवाली में कॉलेज स्टूडेंट्स ने नेशनल हाईवे जाम किया, सीडीएलयू में भी जोरदार प्रदर्शन किया गया