कालांवाली। राजकीय मॉडल संस्कृति वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कालांवाली में रविवार को तीसरा पूर्व छात्र मिलन समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में बैच 1970 से 1980 विद्यार्थियों ने भाग लिया। इसमें करीब 70 छात्र इस शिक्षक-शिक्षार्थी मिलन समारोह में दूर-दराज से विद्यालय में पहुंचे। सभी ने स्कूल का भ्रमण किया और अपनी पुरानी यादें ताजा कीं और पुराने किस्से सुनाते हुए भावुक हो उठे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में कुसुम गर्ग और पुष्पेंद्र जैन ने अपने बैच के छात्रों का एक ग्रुप बनाकर जानकारी जुटाकर इस समारोह को निर्धारित किया। इन छात्रों ने अपने गुरुजनों को भी सम्मानित किया और उनसे आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में मंच संचालन प्रवीण जैन व रवि सागर ने किया। पूर्व छात्रों का स्कूल में पहुंचने पर ढोल नगाड़ों के साथ स्वागत किया। कार्यक्रम में डॉ. श्याम लाल सिंगला, बापू बलकोर सिंह, हिम्मत सिंह जेई, अध्यापक मदन लाल, बृज लाल, अजमेर सिंह किंगरा, मास्टर गुरतेज सिंह, मास्टर नत्थू राम डबवाली विशेष रूप से पहुंचे। समारोह की शुरुआत विद्यार्थियों ने सामूहिक रूप प्रार्थना गायन से किया।
सभी छात्र एक दूसरे के साथ मिलकर तकरीबन 40 से 45 साल पहले मिडल कक्षाओं के विद्यार्थी के रूप में अतीत की यादों को ताजा किया और कई छात्र इस दौरान खुशी के साथ भावुक दिखाई दिए। इस दौरान सभी ने विद्यालय परिसर में पौधरोपण भी किया। इस विद्यालय के इतिहास में यह इस प्रकार का तीसरा समारोह था, सभी ने एकत्रित होकर जलपान और भोजन भी ग्रहण किया। इस अवसर पर पूर्व छात्र पुष्पेंद्र जैन, पूर्व एडवोकेट जनरल हरियाणा सुखराज सिंह, डॉ. राज कुमार गर्ग, इंद्र जैन, बिल्लू जैन, नरेश महेश्वरी, दिनेश गर्ग, तरनजीत मक्कड़ आदि मौजूद रहे।
विद्यालय का पुराना नक्शा किया याद
इस समारोह में दिल्ली, हैदराबाद, गुरूग्राम, डिंगल, हिसार,बरनाला, सिरसा बठिंडा से पूर्व छात्र पहुंचे। विद्यालय की और से सभी पूर्व छात्रों को सम्मान चिह्न और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। अध्यापक रवि सागर ने बताया कि बहुत से छात्र लगभग 45 साल के अरसे के बाद विद्यालय में पहुंचे और एक दूसरे के साथ मिले, छात्रों ने विद्यालय का पुराना नक्शा भी याद किया। समारोह के लिए सभी पूर्व वर्ती छात्रों में जोश और उत्साह था। उन्होंने विद्यालय में ऑडिटोरियम बनाने का प्रस्ताव पारित किया, जिस पर सभी ने सहमति प्रकट की। विद्यालय के प्राचार्य जगदेव सिंह गिल ने सभी का आभार जताया।