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स्टेम सेल से लौटाई आंखों की रोशनी

Wed, 22 Jun 2016 02:05 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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चिकित्सा - फोटो : Bureau
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शाह सतनाम जी स्पेशलिटी अस्पताल के नेत्र रोग विशेषज्ञों ने नेत्र चिकित्सा क्षेत्र में असाध्य मानी जाने वाली बीमारी आप्टिक एट्रोफी(आंख की नस के सूखने) से पीड़ित एक रोगी की नेत्र ज्योति लौटाकर नया आयाम स्थापित किया है। डॉ. आदित्य इंसां व डा. पुनीत इंसां ने रोगी के बोन मेरो से स्टेम सेल लेकर इस बीमारी का इलाज किया।
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फतेहाबाद के टोहाना क्षेत्र के गांव जमालपुर निवासी मोनिका पुत्री देसराज की बाईं आंख से करीब तीन साल पहले दिखाई देना बंद हो गया था तथा देश के बड़े-बड़े अस्पतालों में जांच व इलाज करवाने के बावजूद उसे कोई फायदा नहीं हुआ था। डॉ. आदित्य इंसां ने एक सप्ताह पूर्व मोनिका का स्टेम सेल से उपचार किया और मात्र एक सप्ताह के बाद ही मोनिका की दृष्टि में काफी हद तक सुधार हुआ।

मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत में  डॅा. आदित्य इंसां ने बताया कि मोनिका को करीब तीन साल पहले बाईं आंख से दिखाई देना बंद हो गया था तथा उसे चक्कर आते थे। परिजन उसे बठिंडा , हिसार, दिल्ली एम्स आदि जगहों पर ले गए लेकिन कहीं से भी कोई फायदा नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि चिकित्सा विज्ञान के अनुसार यह असाध्य बीमारी है , जिसका उपचार ही संभव नहीं है। इस बीमारी में आंख की नस सूखने लगती है और मरीज को दिखना बंद हो जाता है।
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करीब एक सप्ताह पहले मोनिका का स्टेम सेल विधि से उपचार किया। पहले उसे ऊपर वाला अक्षर भी दिखाई नही देता था लेकिन उपचार के एक सप्ताह बाद ही उसकी दो लाइन विजन बढ़ गई है। उन्होंने बताया कि इस बीमारी का कारण अनुवांशिक या बचपन में डीएनए में बदलाव है। उन्होंने बताया कि स्टेम सेल तकनीक में नस में जो फाइबर काम करना बंद कर देते हैं वो फिर से सक्रिय हो जाते हैं। मोनिका की माता संतोष इंसां ने ऑपरेशन के बाद अब मोनिका अच्छी तरह देखने लगी है। 
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