चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय की सॉफ्टबाल टीम बिना खेल किट व भत्ते के शनिवार 11 बजे ऑल इंडिया सॉफ्टबाल प्रतियोगिता के लिए आंध्रप्रदेश रवाना हुई। खिलाड़ियों को प्रतियोगिता में जाने के लिए विश्वविद्यालय द्वारा न तो खर्च भत्ता दिया गया, न ही खेल किट। खिलाड़ियों को कहना है कि वे अभिभावकों द्वारा खर्चा दिए जाने के आश्वासन के बाद ही प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए रवाना हुए हैं। खिलाड़ियों ने अपनी जेब से 10 हजार रुपयों की ट्रेन टिकट खरीदी और रवाना हो गए। वहीं रविवार को पांच सदस्यीय कराटे की टीम चेन्नई में भाग लेने के लिए जाएगी। उन खिलाड़ियों को भी टीए, डीए बाद में ही दिया जाएगा।
शनिवार को विश्वविद्यालय की सॉफ्टबाल टीम अपने खर्च पर ही आंध्रप्रदेश में होने वाली नेशनल प्रतियोगिता के लिए रवाना हुई। खिलाड़ियों को प्रतियोगिता मेें भाग लेने के लिए विश्वविद्यालय की ओर से भत्ते के नाम पर सिर्फ आश्वासन ही मिला है। सोमवार को टीम आंध्रप्रदेश पहुंचेगी, यहां पर प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करवाएगी।
सॉफ्टबाल टीम के कप्तान ईश्वर सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता 8 जनवरी से शुरू होकर 12 जनवरी तक चलेगी। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों के रहने, खाने व आने जाने का करीब 70 हजार रुपये का खर्च आएगा। विश्वविद्यालयों ने टीम को खर्च भत्ते नहीं दिया है, ऐसे में सभी खिलाड़ी अपनी जेब से ही खर्च कर रहे हैं। लेकिन 70 हजार रुपये का इंतजाम नहीं हो पाया है। सभी खिलाड़ी अपने अभिभावकों को रुपयों का इंतजाम करने के लिए कहकर आए हैं, तब अभिभावकों ने पैसे देने के लिए आश्वासन दिया। प्रतियोगिता के दौरान विश्वविद्यालय खर्च राशि नहीं भेजता तो मजबूरन अभिभावकों से पैसे मंगवाने पड़ेंगे। सॉफ्टबाल खिलाड़ियों में केटी राजकीय महाविद्यालय रतिया के चार खिलाड़ी, सीडीएलयू का एक, नेशनल कॉलेज के नौ खिलाड़ी, सीएमआरजे महाविद्यालय ऐलनाबाद का दो खिलाड़ी शामिल हैं।
पहले भत्ते के लिए बोला हां, फिर किया इनकार
टीम खिलाड़ियों का कहना है कि बीती दो जनवरी को वे स्पोर्ट सेक्रेटरी अशोक कुमार से मिले थे, तो उन्होंने कहा था कि खर्च भत्ते की कुल राशि 70 हजार रुपये में से 30 हजार की राशि मुहैया करवा दी जाएगी लेकिन अगले दिन उन्होंने कहा कि राशि नहीं मिल सकती। स्पोर्ट्स काउंसिल के खर्च देने का चार्ज मेरे पास नहीं है, तो मैं इसमें कुछ नहीं कर सकता। बता दें कि खेल सचिव का चार्ज 31 दिसंबर तक था, लेकिन नए आदेश न होने के कारण खिलाड़ियों की फाइल अप्रूव नहीं हो पाई।
खेल संयोजक का चार्ज किसके पास, ये ही स्पष्ट ही नहीं
सीडीएलयू की स्पोर्ट्स काउंसिल का संयोजक कौन हैं, यह बात स्पष्ट ही नहीं हो पाई। क्योंकि सीडीएलयू के तत्कालीन वीसी विजय कायत अपना कार्यकाल खत्म होने से पहले तत्कालीन संयोजक राजकुमार सिवाच की जगह पर फिजिकल विभाग की चेयरपर्सन मोनिका वर्मा को संयोजक बनाने के आदेश जारी कर दिए थे। लेकिन मोनिका वर्मा को आज तक ये आदेश नहीं मिले क्योंकि यह फाइल अभी भी वीसी कार्यालय में अटकी हुई है।
मेरा चार्ज 31 दिसंबर तक था, चार्ज के नए आदेश नहीं आए थे। दो दिन बैंक बंद है, इसलिए खिलाड़ियों को पैसे का भुगतान नहीं किया जा सका। अब सोमवार को चेक पर साइन करके उनके खाते में पैसे भेज दिए जाएंगे।
-अशोक शर्मा, खेल सचिव, सीडीएलयू सिरसा।
मैंने कुछ महीने पहले ही स्टोर का चार्ज व खेल सचिव के पद से इस्तीफा दे दिया था, इसलिए एडहॉक कमेटी को ही खेल किट बांटनी थी।
-हंसराज, कोच, सीडीएलयू सिरसा।