सरकार ने सरकारी विभागों के भवनों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाना अनिवार्य कर दिया है। इसके बावजूद नेशनल कॉलेज का प्रोजेक्ट तीन साल से अटका हुआ है। ऐसे में कॉलेज को लाखों रुपये का बिजली भारी बिल भरना पड़ रहा है। अहम बात यह है कि 41 लाख की राशि भरने के बाद भी हरेडा (हरियाणा अक्षय ऊर्जा विकास एजेंसी) ने यह प्रोजेक्ट शुरू नहीं किया है। कॉलेज प्रबंधन कई बार जिला प्रशासन और हरेडा को पत्र लिखा चुका है।
उच्चतर शिक्षा विभाग ने प्रदेश के 18 कॉलेजों में सोलर प्रोजेक्ट लगाने को लेकर वर्ष 2020 में अनुमति दी थी। इसमें सिरसा का नेशनल कॉलेज में शामिल है। सिरसा कॉलेज में 100 किलोवाट का सोलर प्लांट लगाया जाना था। जिससे पूरे कॉलेज में बिजली की सप्लाई दी जाती। इसके लिए वर्ष 2021 में नेशनल कॉलेज ने हरेडा को 41 लाख रुपये की राशि भी जमा करवा दी, लेकिन अभी तक प्रोजेक्ट लगाने को लेकर कोई भी कार्य शुरू नहीं हो पाया है। कॉलेज प्रशासन इस संबंध में अतिरिक्त उपायुक्त को भी पत्र लिख चुका है, लेकिन संबंधित विभाग की तरफ से किसी भी प्रक्रिया में अभी तक तेजी नहीं लाई गई है। कॉलेज प्रशासन ने विभाग को पत्र लिखकर यह भी कहा है कि अगर विभाग प्रोजेक्ट लगाने में असमर्थ है तो वह ब्याज सहित राशि वापस कर दें, ताकि वह दोबारा से उसे सरकारी खजाने में जमा करवा सकें। बता दें कि नेशनल कॉलेज में पांच हजार से अधिक विद्यार्थी हैं। इनके लिए कक्षाओं में पंखे, बिजली, प्रोजेक्ट सहित अन्य कई प्रकार के उपकरण भी लगाए गए हैं। इनका कॉलेज को हर माह लाखों रुपये का बिजली बिल अदा करना पड़ रहा है।
10 बार भेज चुके रिमांडर, विभाग नहीं दिखा रहा गंभीरता
नेशनल कॉलेज की तरफ से करीब 10 बार सोलर प्रोजेक्ट को लेकर हरेडा को पत्र लिखा जा चुका है। फिर भी हरेडा विभाग की तरफ से कोई भी गंभीरता नहीं दिखाई गई। कॉलेज प्रशासन ने जब भी हरेडा के अधिकारी के साथ संपर्क साधा तो उन्होंने एजेंसी से अनुबंध नहीं होने का हवाला दिया। हैरानी की बात है कि हरेडा तीन साल में किसी एजेंसी से अनुबंध नहीं कर पाई है।
सोलर प्लांट लगाने के लिए अधिकारियों व विभाग को पत्र लिख चुके हैं। लेकिन अभी तक इसके निर्माण का काम शुरू नहीं हो पाया है। विभाग की ओर से कंपनी के साथ अनुबंध न होने को लेकर जवाब दिया जा रहा है।
- डॉ. संदीप गोयल, प्रिंसिपल, नेशनल कॉलेज, सिरसा।