संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। चार साल पहले लावारिस हालत में मिली 11 वर्षीय किशोरी को जिला बाल कल्याण समिति ने सोमवार को उसके मां-बाप से मिलवाया। उक्त किशोर अब 15 वर्ष की हो चुकी है। चार वर्षों से वह भाई कन्हैया आश्रम में रह रही थी। किशोरी के मां-बाप बीमार थे और भाई कन्हैया आश्रम ने इनका इलाज करवाया। इसके बाद बाल कल्याण समिति ने उक्त किशोरी को मां-बाप को सौंप दिया।
वर्ष 2021 में अंबाला में एक 11 वर्षीय नाबालिग किशोरी लावारिस हालत में मिली थी। उक्त किशोरी को सिरसा के भाई कन्हैया आश्रम में लाया गया था। सिरसा बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष अनिता वर्मा ने बताया कि समिति व भाई कन्हैया आश्रम ने किशोरी के मां-बाप का पता लगाने की जिम्मेदारी संभाली। काफी प्रयास के बाद पता लगा कि किशोरी झारखंड के धनबाद क्षेत्र की है। समिति सदस्यों ने धनबाद की बाल कल्याण समिति से संपर्क किया। कुछ दिन पहले किशोरी के घरवालों का पता चल गया। इसके बाद मां-बाप सिरसा पहुंचे। किशोरी के मां-बाप बीमार थे। इसके बाद भाई कन्हैया आश्रम ने दोनों का इलाज करवाया।
समिति की अध्यक्ष अनिता वर्मा ने बताया कि किशोरी के मां-बाप की काफी गरीब हैं। समिति ने सारी कानूनी कागजी कार्यवाही करने के बाद किशोरी को धनबाद की बाल कल्याण समिति को सौंप दिया। इसके बाद किशोरी को उसके मां-बाप के हवाले कर दिया। किशोरी के मां-बाप का अपना कोई घर नहीं है। इसलिए धनबाद बाल कल्याण समिति ने उनके रिश्तेदारों से बात की। अब किशोरी व उसके मां-बाप अपने रिश्तेदार के घर पर रह रहे हैं।
बाल कल्याण समिति ने चार साल पहले बिछुड़ी किशोरी को उसके मां-बाप से मिलवाया है। उक्त किशोरी चार साल तक भाई कन्हैया आश्रम में रही। किशोरी झारखंड की रहने वाली है। बाल कल्याण समिति व भाई कन्हैया आश्रम ने काफी प्रयास कर उसके मां-बाप का पता लगाया। -अनिता वर्मा अध्यक्ष बाल कल्याण समिति सिरसा।