सिरसा। कोरोना काल में अपनी पढ़ाई या नौकरी छूट जाने वाले अभ्यर्थियों के लिए शिक्षा विभाग की ओर से खुशखबरी है। अब जो लोग बीच में अपनी पढ़ाई छोड़ चुके हैं और पढ़ाई के कारण कहीं भी जॉब या रोजगार खोलने में दिक्कत आ रही है तो ऐसे वह लोग इस कोर्स के माध्यम से नई शुरूआत कर सकते हैं। नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के द्वारा जिले में स्किल हब सेंटर खोले जा रहे हैं। जहां बच्चे, महिलाएं और पुरुष विभिन्न प्रकार के कोर्स को निशुल्क में करके रोजगार प्राप्त कर सकते हैं।
जिले के 8 सरकारी स्कूलों में स्किल हब सेंटर तैयार किए जा रहे हैं। इस हब सेंटर में अभ्यर्थी कोर्स करके कहीं भी नौकरी पा सकता है। वही इसके साथ वह खुद का रोजगार भी स्थापित कर सकते हैं। स्किल हब सेंटर में स्कूल व कॉलेज से ड्रॉप आउट स्टूडेंट्स कोर्स कर सकते हैं। कोरोना काल में जिन लोगों की नौकरी जा चुकी है या फिर कम एजुकेशन होने के कारण उन्हें कहीं रोजगार नहीं मिल पा रहा है। वह इन स्किल हब सेंटर में 6 माह से लेकर 1 साल का कोर्स कर रोजगार पा सकते हैं। कोर्स के दौरान अभ्यर्थियों को वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। परियोजना के तहत 300 घंटे का प्रशिक्षण दिया जाएगा। जिसमें 11 से 29 साल तक के लोग आवेदन कर सकते हैं।
स्कूल की छुट्टी के बाद दिया जाएगा प्रशिक्षण
स्कूल की छुट्टी के बाद अभ्यर्थियों को सेंटर में प्रशिक्षण दिया जाएगा। दाखिला लेने वाले अभ्यर्थी को 300 घंटे का प्रशिक्षण दिया जा जाएगा। जिसमें उन्हें रोजगार से संबंधित कोर्स भी करवाया जाएगा। पहले कक्षाएं लगाई जाएंगी। उसके बाद मास्टर ट्रेनर अभ्यर्थियों की कक्षाएं लेंगे। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें निर्धारित वित्तीय सहायता भी दी जाएगी। प्रशिक्षण समय पूरा होने के बाद अभ्यर्थी का टेस्ट लिया जाएगा। जिन अभ्यर्थियों ने टेस्ट क्वालीफाइड कर लिया उन्हें प्रमाण पत्र दिया जाएगा। जिसकी सहायता से वो कहीं भी अपना रोजगार शुरू कर पाएंगे। वहीं इस प्रमाण पत्र से लाभार्थी डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद के लिए प्राइवेट व सरकारी विभाग में आवेदन कर सकेंगे।
रजिस्ट्रेशन हुआ शुरू, अध्यापक देंगे कोर्स की ट्रेनिंग
स्किल हब सेंटरों में रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। हब सेंटरों के इंचार्ज स्कूलों के प्रिंसिपल होंगे। राजकीय स्कूलों के नेशनल फ्रेमवर्क के टीचर विद्यार्थियों को ट्रेनिंग देंगे। इस कोर्स के लिए लाभार्थी की उम्र 11 से 29 वर्ष के मध्य होनी चाहिए। इसके लिए लाभार्थी को किसी भी प्रकार की फीस नहीं देनी होगी। रोजाना स्कूल खत्म होने के बाद शाम के समय में कक्षाएं लगेंगी। कोर्स के लिए लाभार्थियों को आधार युक्त बायोमेट्रिक हाजिरी देनी होगी। कोर्स की पूर्णता के लिए कम से कम 75 फीसदी हाजिरी होना अनिवार्य शर्त है। पंजीकरण के लिए अभ्यर्थी स्कूल प्राचार्यों से बात कर जानकारी जुटा सकते हैं।
नहीं लगेगी कोर्स के लिए अतिरिक्त फीस
शुरुआत में एक कोर्स के तौर पर आईटी का कोर्स शुरू किया जाएगा। जिसमें हेल्थ केयर, ऑटो मोबाइल, ब्यूटी वेलनेस, एग्रीकल्चर जैसे कोर्स करवाएं जाएंगे। इसकी मान्यता राष्ट्रीय कौशल विकास निगम, एनएसडीसी और नेशनल स्किल्स क्वालिफिकेशन फ्रेमवर्क से प्राप्त होगी। इस कोर्स में 11 से 29 साल तक के लाभार्थियों का एक बैच बनाया जाएगा। यह कोर्स 6 महीने का होगा। इसके लिए लाभार्थी को किसी भी प्रकार की फीस नहीं देनी होगी। कक्षाएं शाम को लगेंगी।
जिला के इन स्कूलों में खोलें जाएंगे सेंटर और ये करवाए जाएंगे कोर्स
- एएमएसएसएस, झिड़ी, हेल्थ केयर
- जीएसएसएस, लोहगढ़, हेल्थ केयर
- गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रसालिया खेड़ा, ऑटो मोबाइल
- गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, धोलपालियां, हेल्थ केयर
- एएमएसएसएस, जलालना, ब्यूटी वेलनेस
- गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कुसूर, एग्रीकल्चर
- गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रानियां, ब्यूटी वेलनेस
- गवर्नमेंट गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, सिरसा, हेल्थ केयर
जिले के 8 स्कूलों में स्किल हब सेंटर खोले जाने हैं। जिसमें 11 से 29 साल तक के ड्रॉप आउट या आउट ऑफ स्कूल के अभ्यर्थियों को स्किल सिखाई जाएगी। प्रत्येक स्कूल द्वारा एक कोर्स करवाया जाएगा। जिसकी सहायता से अभ्यर्थी कहीं भी रोजगार प्राप्त कर पाएगा। वहीं अपना रोजगार चलाने में भी अभ्यर्थी को सहयता मिलेगी।
-बूटाराम, जिला परियोजना अधिकारी, समग्र शिक्षा अभियान सिरसा।