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Sirsa News: महाप्रबंधक ने जांच के लिए गठित की एसआईटी, 15 दिन में देगी रिपोर्ट

Thu, 19 Feb 2026 11:52 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
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- बड़ागुढ़ा सहकारी बैंक मामला : आरोपी कैशियर मोबाइल बंद कर हुआ भूमिगत
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राजू
बड़ागुढ़ा। गांव बड़ागुढ़ा स्थित दी केंद्रीय सहकारी बैंक की शाखा में कैशियर द्वारा एक वृद्धा के खाते से 7 लाख 35 हजार रुपये निकालने का मामला पिछले 2 दिनों से चर्चा का विषय बना हुआ है। इस मामले में महाप्रबंधक ने वीरवार को एसआईटी का गठन कर जांच के आदेश दे दिए हैं। मामला सामने आने के बाद से कैशियर सुभाष का मोबाइल बंद आ रहा है।


बुधवार को आरोपी द्वारा वृद्धा के खाते में 2 लाख 40 हजार रुपये की राशि जमा न किए जाने की बात भी सामने आई थी। इसको लेकर वीरवार को पीड़ित पक्ष के लोग आरोपी कैशियर सुभाष द्वारा दी गई डिपॉजिट स्लिप लेकर बैंक में पहुंचे। इसके बाद बैंक के कर्मचारी काफी समय तक बैंक का रिकॉर्ड खंगालते रहे। इसमें एक रसीद मिल गई। वहीं, यह मामला सुर्खियों में आने के बाद उपभोक्ता उक्त बैंक में अपने खातों में जमा धनराशि को लेकर चिंतित दिखे।वीरवार को कई लोगों ने अपने खातों में राशि भी चेक करवाई।
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सूत्रों के मुताबिक, एक वृद्ध उपभोक्ता को 2 लाख 40 हजार रुपये लेते हुए उसे डिपोजिट स्लिप तो दे दी गई, लेकिन यह राशि न तो उपभोक्ता के खाते में जमा की और न ही उसका वाउचर या अन्य रिकॉर्ड रखा। बुधवार को जब मामल ने तूल पकड़ा तो कैशियर द्वारा यह राशि जमा करवाने की बात कही गई थी।
वीरवार को शाखा के कर्मचारियों द्वारा कैशियर की एक रसीद मिलने का दावा किया गया। कैशियर द्वारा उपभोक्ताओं के खाते से इस तरह से राशि निकालने के बाद बैंक की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो गए हैं। इस मामले में वीरवार को बैंक में काफी गहमा-गहमी रही। मामले को निपटाने के लिए क्षेत्र के कई नामी लोग बैंक में पहुंचे हुए थे। संवाद


12 बार में निकाली राशि, खुद ही लगाए अंगूठे

कैशियर सुभाष ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए न केवल बैंक की शाखा को धूमिल किया गया बल्कि उपभोक्ताओं के साथ जालसाजी भी कर डाली। 7 लाख 35 हजार रुपये की राशि को उसने 12 बार में उपभोक्ता नसीब कौर के खाते से निकाल लिया। सभी वाउचर पर अंगूठे लगे हुए हैं जोकि कैशियर सुभाष ने खुद ही लगाए हैं।
कैशियर ने शाखा प्रबंधक इंद्रपाल को भी नहीं बख्शा। वह शाखा प्रबंधक की आईडी का इस्तेमाल करते हुए वाउचर की खुद ही वेरिफिकेशन कर पैसे अपनी जेब में डालता रहा। शाखा प्रबंधक इंद्रपाल के मुताबिक वह 3 माह की छुट्टी पर थे। इस दौरान बैंक का कार्यभार तत्कालीन शाखा प्रबंधक बलवंत सिंह, धर्मपाल व जसवीर सिंह के पास रहा।



2 दिन से फोन बंद कर नदारद है कैशियर

कैशियर सुभाष चाहर सहकारी बैंक में हरियाणा रोजगार कौशल निगम के अंतर्गत अस्थायी तौर पर कार्यरत है। मामला बुधवार को जैसे ही मीडिया में आया तो उसके बाद से कैशियर सुभाष फोन बंद कर भूमिगत हो गया। मौजूदा समय में उसकी ड्यूटी गांव बिज्जूवाली के सहकारी बैंक में है। बड़ागुढ़ा से उसका करीब एक सप्ताह पूर्व ही बिज्जूवाली में तबादला हुआ है। मामला सामने आने के बाद वह बिज्जूवाली बैंक में ड्यूटी पर भी नहीं आया। उसका फोन लगातार बंद आ रहा है। बिज्जुवाली शाखा प्रबंधक धर्मपाल शर्मा ने बताया कि कैशियर सुभाष बुधवार सुबह 10 बजे के बाद से बैंक से नदारद है। वहीं, वीरवार को कैशियर सुभाष की जगह एक अन्य कर्मचारी के बिज्जूवाली में ऑर्डर जारी कर दिए गए हैं। सुभाष का कार्यकाल बडागुढ़ा व बिज्जूवाली के अलावा कई जगहों पर काफी चर्चा में रहा है। उपभोक्ताओं का कहना है कि उक्त कैशियर की जिस जगह पर नियुक्ति रही है, वहां भी जांच करवाई जाए।



बॉक्स :-


मैं पिछले 3 महीने की छुट्टी के बाद 2 फरवरी को बैंक में आया हूं। इस दौरान चार्ज शाखा प्रबंधक बलवंत सिंह व जसवीर सिंह के पास भी रहा। हां, कुछ एंट्री मेरे कार्यकाल की भी है। सभी वाउचर व विड्रॉल भी हैं, जिन पर उपभोक्ता के अंगूठे लगे हुए हैं। कैशियर सुभाष हमारे पास करीब एक वर्ष पूर्व ही आया था। कैशियर सुभाष ने मेरी आईडी का इस्तेमाल करते हुए अवैध रूप से राशि निकाली है। इसमें मेरी कोई भूमिका नहीं है। वहीं, जो 2 लाख 40 हजार रुपये जमा न करने की बात सामने आई, उसकी जब जांच की गई तो पहले तो बैंक में कोई रिकॉर्ड नहीं मिला। लेकिन बाद में कर्मचारियों ने जब रिकॉर्ड खंगाला तो एक रसीद मिल गई। मैंने रिपोर्ट महाप्रबंधक सिरसा को भेजकर मामले से अवगत करवा दिया है।
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- इन्द्रपाल, शाखा प्रबंधक (सहकारी बैंक बड़ागुढ़ा)



बॉक्स :-


मामले की रिपोर्ट हमारे पास आ गई है। हमने इस मामले में जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है। एसआईटी 15 दिन में जांच कर रिपोर्ट देगी। पूरे मामले की जांच करवाई जाएगी। जो भी दोषी पाया गया, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

- ऋषिपाल, महाप्रबंधक (सीबी सिरसा)
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