भात भरते की रस्म के दौरान आर्शवाद देते हुए।
चोपटा। तीन गांवों के ग्रामीणों ने बिना भाई की बहन का भात भरा, जो चोपटा व राजस्थान क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले की भादरा तहसील के गांव खचवाना व दो अन्य गांव से आए ग्रामीणों ने रस्म पूरी की।
दरअसल, सिरसा के गांव कुम्हारिया में लीलू राम रोज का परिवार रहता है। उन्होंने अपने बेटे अनिल कुमार की शादी का आयोजन गांव में रख। लीलू राम की पत्नी रोशनी देवी का न तो कोई सगा भाई है, न कोई मामा-नाना। ऐसे में भात कौन भरेगा इसी की परिवार को चिंता थी। ऐसे में रोशनी देवी ने उन गांवों में जहां-जहां वह पहले रह चुकी थी, वहां के कुछ जान-पहचान के लोगों को तिलक निकाल कर भात भरने का न्योता दिया।
गांव खचवाना के लालचंद महायच और प्रेम बरोड़ के साथ भात में 20 से ज्यादा लोग शामिल होने पहुंचे। उन्होंने भात में नकद भेज 5100 रुपये और 5100 का बान, एक चांदी का टीका, एक कोका, एक जोड़ी बिछिया , साथ ही बहन की सास, ननद, जेठानी, देवरानी के लिए वस्त्र व कंबल और बच्चों व पुरुषों के लिए कपड़े व उपहार भात में दिए।