हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की ओर से घोषित दसवीं कक्षा के परीक्षा परिणामों में वीएन सीनियर सेकेंडरी स्कूल रानियां के विद्यार्थी युद्धवीर सिंह इंसां ने 500 में से 499 अंक प्राप्त कर पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। जैसे ही परिणाम घोषित हुआ तो युद्धवीर को बधाई देने वालों का तांता लगा रहा। युद्धवीर के पास न तो मोबाइल फोन है और न ही बाइक। पढ़ने से पहले वह 20 मिनट तक मेडिटेशन करता है।
रानियां क्षेत्र के गांव लहरांवाली निवासी युद्धवीर सिंह इंसां के पिता जसवीर सिंह इंसां पेशे से किसान हैं। वे और उनकी पत्नी सर्वजीत कौर अपने बेटे की इस कामयाबी पर फूले नहीं समा रहे हैं। परिजनों की आंखों में बेटे की इस सफलता पर खुशी के आंसू हैं। इस खुशी पर परिजन लोगों को मिठाई खिलाने में लगे रहे। युद्धवीर सिंह का कहना है वह पढ़ाई में समय तो कम लगाता है, लेकिन जब भी पढ़ना शुरू करता था तो वह सबसे पहले 20 मिनट मेडिटेशन करता था। इसके बाद दो से ढ़ाई घंटे तक पढ़ता था। युद्धवीर सिंह का कहना है कि वह मोबाइल, बाइक और टीवी से दूर रहकर केवल पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित रखता था। टीवी पर केवल समाचार ही देखता था। उसने बताया कि उसकी पढाई मे उसके माता-पिता ने पूरा सहयोग दिया। वह खेती में हाथ बंटाना चाहता था पर पिता ने साफ मना कर दिया। उसने अपनी इस कामयाबी का श्रेय डेरा सच्चा सौदा के संत डॉ. गुरमीत राम रहीम सिंह इंसां, अपने स्कूल के स्टॉफ सदस्यों, स्कूल निदेशक जेडी सिंह, प्रिंसीपल सतवंत कौर थिंद और अभिभावकों को देते हुए युद्धवीर सिंह को अभी एक नंबर कटने का दु:ख है।
उसने बताया कि उसने कभी तुक्क ा नहीं मारा। जो बात समझ में नहीं आई अभिभावकों और अध्यापकों से बार-बार पूछा। प्रिंसिपल सतवंत कौर थिंद युद्धवीर की इस उपलब्धि पर फू ली नहीं समा रही है। उसने विद्यालय का नाम जो रोशन किया है। खेल के नाम पर युद्धवीर केवल बैडमिंटन ही खेलता हैै। युद्धवीर सिंह का कहना है कि उसका लक्ष्य है एस्ट्रोनॉट बनकर देश की सेवा करना है। उसकी अंतरिक्ष विज्ञान में रुचि है और वह स्पेस सेंटर की विभिन्न गतिविधियों में बहुत रुचि लेता है। वह स्पेस सेंटर में भाग लेकर वह देश सेवा करना चाहता है। युद्धवीर सिंह की इस उपलब्धि पर वीएन स्कूल के स्टॅाफ सदस्य खुशी से फूले नहीं समा रहे हैं और वे नाच गाकर अपनी खुशी का इजहार कर रहे हैं।