अटारी बॉर्डर से अमृतसर में नमक की खेप में 2700 करोड़ रुपये की हेरोइन लाने के मामले में वांछित रणजीत सिंह और गगनदीप सिंह को एनआईए, पंजाब पुलिस और सिरसा पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़ा रणजीत सिंह अपने परिवार के साथ पहचान छिपाकर आठ महीने से सिरसा में रह रहा था। इसके बावजूद सिरसा में उसके छिपे होने की जानकारी स्थानीय पुलिस और खुफिया एजेंसियों को नहीं थी। इतना ही नहीं, सिरसा पुलिस को एनआईए और पंजाब पुलिस के संयुक्त ऑपरेशन की भनक तक नहीं लगी। रणजीत के परिवार को आंगन में बैठाकर वहां खुदाई करने के बाद और पूछताछ के बाद ही सिरसा पुलिस को घर के अंदर आने दिया।
20 से 25 गाड़ियों में आई एनआईए और पंजाब पुलिस टीम
सूत्रों के मुताबिक सिरसा में रणजीत सिंह और गगनदीप के होने की पुख्ता जानकारी एनआईए और पंजाब पुलिस के पास ही थी। सिरसा पुलिस को एनआईए और पंजाब पुलिस ने इस ऑपरेशन की सूचना दी थी, लेकिन सिरसा पुलिस को यह नहीं बताया गया था कि ऑपरेशन क्या है। हालांकि सिरसा पुलिस ने सभी एसएचओ को शुक्रवार रात को तैयार रहने के आदेश दिए थे। एनआईए, पंजाब पुलिस के एसपी और डीएसपी स्तर के अधिकारी 20 से 25 गाड़ियों में सवार होकर सिरसा पहुंचे।
एसएचओ, डबवाली सीआईए और सिरसा सीआईए को किया था अलर्ट
सिरसा पुलिस के तीन थानों के एसएचओ, डबवाली सीआईए और सिरसा सीआईए स्टाफ को अलर्ट किया गया था और सभी को रात एक बजे के बाद तैयार रहने के निर्देश थे। बुलेट प्रूफ जैकेट और हथियारों के साथ देखकर सिरसा पुलिस को अंदाजा हो गया था कि कुछ बड़ा होने वाला है। लेकिन क्या होगा, इसकी कोई सूचना नहीं थी।
सिरसा पहुंचते ही एनआईए और पंजाब पुलिस ने सदर थाने में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई। इसके बाद स्थानीय पुलिस को लेकर बेगू रोड कीर्तिनगर चौकी के पास पहुंच गए। सिरसा पुलिस को वहीं पर ही रोक दिया गया। करीब चार बजे एनआईए और पंजाब पुलिस की टीम बेगू रोड पर मिल्क प्लांट से आगे स्थित एक घर में दाखिल हो गई। एनआईए और पंजाब पुलिस की टीम ने रणजीत और गगनदीप को अंदर ही पकड़ लिया। सुबह करीब 6 बजे के बाद सिरसा पुलिस को घर में दाखिल होने दिया गया।
खुदाई में क्या मिला, किसी को पता नहीं
रणजीत के पूरे परिवार को आंगन में बैठाया हुआ था, करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई। एनआईए और पंजाब पुलिस ने आंगन में खुदाई की, साथ ही घर के पीछे भी खुदाई की। हालांकि खुदाई में क्या मिला, ये किसी को पता नहीं। रणजीत जिस घर में किराए पर रहता था वह दो मंजिला मकान था। मकान के आगे एक बड़ी दुकान थी, जिसमें कि वह कार खड़ी करता था, जबकि घर के पीछे भी एक दरवाजा था।
गुरमीत सिंह ने किया था एडवोकेट के साथ करारनामा
दोनों भाई सितंबर 2019 से सिरसा के बेगू रोड पर रह रहे थे। गगनदीप के साढू वैदवाला निवासी गुरमीत सिंह ने शहर के बेगू रोड पर एडवोकेट जगदेव सिंह का मकान दिलाया था। वकील जगदेव सिंह के साथ गुरमीत सिंह ने ही मकान का करारनामा किया था। गुरमीत सिंह ने वैदवाला गांव के ही एक व्यक्ति के माध्यम से यह मकान रणजीत सिंह को दिलाया था।
हर माह 15 हजार रुपये अदा करता था किराया
रणजीत बेगू रोड मुख्य मार्ग पर एकांत में पड़े इस मकान का हर महीने 15 हजार रुपये किराया अदा करता था। गुरमीत सिंह ही मकान का किराया देने एडवोकेट जगदेव सिंह के पास कोर्ट में जाता था। एडवोकेट जगदेव सिंह ने बताया कि उससे गुरमीत सिंह ने मकान किराए पर लिया था। बाकायदा करारनामे पर गुरमीत सिंह के हस्ताक्षर थे और उसकी आईडी थी। रणजीत सिंह और गगनदीप अपने तीन बच्चों, दो पत्नियों और पिता के साथ सिरसा में रह रहा था। रणजीत सिंह के पास एक वर्ना कार और एक्टिवा स्कूटी थी।
गाड़ी में दोनों आरोपियों को बैठाती पंजाब पुलिस।- फोटो : Sirsa