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हत्यारे भाइयों को कोर्ट ने सुनाई उम्र कैद

Wed, 30 Nov 2016 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
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सिरसा। अवैध संबंध को लेकर सूबाखेड़ा में पिछले वर्ष हुए बूटा सिंह हत्याकांड मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने हत्यारे भाइयों को उम्र कैद की सजा सुनाई है। न्यायाधीश बिमलेश तंवर ने हत्यारों को पांच-पांच हजार रुपये अर्थ दंड भी लगाया है। अर्थ दंड नहीं भरने पर तीन-तीन महीने अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।  वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारों ने पुलिस से कहा था कि उन्हें हत्या करने का कोई पछतावा नहीं है, इज्जत से बड़ी दूसरी कोई चीज नहीं होती।
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मामले के अनुसार चार जून की रात को है गांव सुबाखेड़ा में दो भाइयों ने मिलकर एक व्यक्ति की तेजधार हथियारों व लाठियों से हत्या कर दी थी। हत्या के बाद शव मम्मड नहर में बहा दिया था जो पांच जून को घटनास्थल से करीब 25किलोमीटर दूर से पीरखेड़ा गांव के पास माइनर से बरामद किया था। बड़ागुढ़ा पुलिस ने मृतक बुटा सिंह के भाई गुलाब सिंह की शिकायत पर गांव के ही राजीव व उसके भाई गुरदीप उर्फ कालू को गिरफ्तार किया। मंगलवार को मामले का निपटारा करते हुए जिला एवं सत्र न्यायाधीश बिमलेश तंवर की अदालत ने हत्यारे राजीव व गुददीप को उम्र कैद की सजा सुना दी।

हरकतों से बाज नहीं आ रहा था बूटा सिंह
बूटा सिंह के राजीव की पत्नी के साथ अवैध संबंध थे जिसके चलते उनमें कई बार विवाद हो गया था। एक शादी समारोह में भी दोनों के बीच झगड़ा हुआ था और इस मामले को लेकर पंचायत भी हुई। इसके बाद भी बूटा सिंह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। जब भी राजीव बूटा सिंह को रास्ते में मिलता तो वह उसे उसका कुछ न बिगाडंने पाने का रौब दिखाता था। चार जून की रात को जब राजीव खेतों से वापस आ रहा था तो खेत में पानी लगाने जा रहे बूटा ने उस दिन भी राजीव को अपनी मूछों पर हाथ फैरते हुए अपना रौब दिखाते हुए कुछ न बिगाड़ पाने का ताना मारा तो राजीव से रहा नहीं गया। वह घर आकर अपने भाई के साथ तेजधार हथियार व लाठी लेकर खेत में उसी रास्ते में बैठ बूटा का इंतजार करने लगे। 11 बजे जब बूटा सिंह बाइक पर खेत से वापस लौट रहा था तो दोनों भाइयों ने उसपर गंडासी से उस पर वार किया। बूटा के बाइक से गिरते ही उस पर गंडासी से ताबड़तोड़ वार करके उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को नहर में फेंक दिया। राजीव ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि उसे अपने किए पर कोई अफसोस नहीं है क्योंकि बूटा सिंह ने उनकी इज्जत पर हाथ डाला था और इज्जत से बड़ी कोई चीज नहीं होती।
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