सिरसा। ए ब्लॉक सिरसा में स्थित अश्वनी राठी के मकान में लूटपाट की वारदात का साजिशकर्ता आकाश उर्फ सोनू को पुलिस ने शुक्रवार सुबह अदालत समक्ष पेश किया। अदालत ने आरोपी को पांच दिन के पुलिस रिमांड में भेज दिया है।
सीआईए की पूछताछ में साजिशकर्ता आकाश ने बताया कि उसके साथ दो और युवक थे जो इस साजिश में शामिल रहे। इनमें से एक युवक कीर्तिनगर का रहने वाला है। वारदात को अंजाम देने वाले तीन बदमाशों में एक बड़ोपल का रहने वाला सुनील है। सुनील और साजिशकर्ता आकाश के बीच काफी पुरानी पहचान है। सुनील के खिलाफ 2010 में शराब ठेके मेें लूटपाट का केस दर्ज हुआ था। उसके पास अवैध पिस्तौल भी मिला। आकाश ने कीर्तिनगर में रहने वाले अपने एक दोस्त के साथ मिलकर लूट की योजना तैयार की थी। इसके बाद सुनील को साजिश में शामिल कर वारदात को अंजाम देने के लिए तैयार किया गया। सुनील ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर अश्वनी राठी के घर लूट की वारदात को अंजाम दिया। सीआईए प्रभारी राजेंद्र गोरादा का कहना है कि रिमांड अवधि में साजिशकर्ता से वारदात को अंजाम देकर फरार हुए बदमाशों के सारे ठिकानों की जानकारी हासिल की जाएगी। सीआईए की टीमें बदमाशों व साजिश में शामिल रहे युवकों की धरपकड़ के लिए छापामारी कर रही है। बदमाश रानियां के रास्ते राजस्थान सीमा में चले गए थे। राजस्थान में उनके ठिकाने पर सीआईए दबिश दे रही है। राजस्थान पुलिस का भी पूरा सहयोग सिरसा पुलिस को मिल रहा है। सीआईए इंचार्ज का कहना है कि जल्द ही लूट की वारदात को अंजाम देने वाले सारे बदमाश पकड़े जाएंगे।
सीआईए में स्टाफ कम और काम का बोझ ज्यादा
पुलिस विभाग में सीआईए स्टाफ को पुलिस की ‘नाक’ माना जाता है। आपराधिक तत्वों की धरपकड़ कर क्षेत्र मेें शांति व्यवस्था कायम रखने की मुख्य भूमिका सीआईए की होती है। सिरसा सीआईए में इंचार्ज समेत करीब 35 पुलिस कर्मियों का स्टाफ है। सीआईए में काम के हिसाब से ये संख्या काफी कम है। जिलेभर के थानों से सीआईए के पास फाइलें आती हैं। वारदातों से जुड़ी फाइलों की संख्या काफी ज्यादा है और स्टाफ कम होने से सीआईए कर्मचारियों पर काम का बोझ ज्यादा है। 35 जनों के स्टाफ में प्रतिदिन 10 कर्मचारी अदालती कामकाज में व्यस्त होते हैं। सीआईए में कम से कम 60 कर्मचारियों का स्टाफ तो होना ही चाहिए।