कालांवाली। नोटबंदी के दो सप्ताह के बाद भी लोगों की समस्याएं दूर नहीं हुई हैं। लोग सुबह बैंक खुलने से घंटों पहले ही लाइनों में लग जाते हैं। बावजूद इसके लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। ऐसा ही एक मामला बस अड्डा के पास स्थित ओबीसी में देखने को मिला। जहां लोगों ने बैंक कर्मचारियों पर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। शादी विवाह वालों को भी कैश नहीं मिल पाया।
बैंक के खाताधारक पुरुषोत्तम दास, कपिल सोनी, रविंद्र कमार, मुख्तयार कौर, अशोक कमार, नरेश कुमार आदि ने बताया कि वह अपने खाते से राशि निकलवाने के लिए सुबह से ही लाइन में खड़े है। बैंक द्वारा उनको टोकन भी जारी किए गए लेकिन दो घंटे बाद ही बैंक द्वारा उनसे यह कह कर टोकन वापस ले लिए कि बैंक में कैश समाप्त हो गया। इसके बाद वहां पर खड़े लोगों का गुस्सा बढ़ गया। लोगों ने आरोप लगाया कि बैंक कर्मी अपने चहेतों को ही कैश देकर बाद में कैश खत्म होने का बहाना बनाकर नकदी देने से मना कर देते हैं। उन्होंने बताया कि बैंक की ओर से आज करीब 30 उपभोक्ताओं को तीन लाख रुपये की नकदी निकालकर दी जाने की बात कहीं जा रही हैं, लेकिन उनकी तरफ से कुछ ही व्यक्तियों को ही इतनी नकदी निकालकर दी गई हैं। इन व्यक्तियों के ही परिवार के पांच-छह खाते होते हैं उन्हें बैंक कर्मियों की ओर से सभी खातों पर नकदी निकालकर दी गई हैं।
इसी तरह गांव देसू मलकाना निवासी कुलदीप सिंह ने बताया कि उसकी लड़की का विवाह चार दिसंबर को है वह सरकार की हिदायत के अनुसार विवाह के लिए ढाई लाख रुपये लेने के लिए कई दिनों से बैंक के चक्कर काट रहा है लेकिन उसे आज तक नकदी नहीं मिली। उसने बताया कि वह इस समय घर में शादी की तैयारियां करे या बैंक में रुपयों के लिए लाइन में लगे। वहीं इस संबंध में बैंक मैनेजर ने बताया कि ऐसी कोई बात नहीं हैं। वे चैक के हिसाब से ही पैमेंट कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि कैश कम होने की वजह से एक परिवार के एक ही सदस्य को सिर्फ दस हजार रुपये का भुगतान कर रहे थे। यदि किसी को शिकायत है तो वह जांच करवा सकता है।