सिरसा। चौधरी देवीलाल यूनिवर्सिटी की ओर से परीक्षाएं आयोजित की जा रही हैं। इसी बीच प्रतियोगी परीक्षाओं का भी शेड्यूल आ गया। ऐसे में विद्यार्थियों की मांग पर सीडीएलयू ने बीएड प्रथम वर्ष की चार परीक्षाओं में बदलाव कर दिया। ये बदलाव केवल कैंपस में पढ़ाई कर रहे बीएड के विद्यार्थियों के लिए लागू किया गया। ऐसे में संबंधित कॉलेजों के भी विद्यार्थी पहुंचे और परीक्षा तिथि में बदलाव की मांग की, लेकिन वीसी के इंकार करने के बाद मामला बिगड़ गया। विद्यार्थियों ने वीसी ऑफिस के बाहर ही करीब चार घंटे तक धरना दिया। बाद में रजिस्ट्रार ने मौके पर पहुंचकर आश्वासन देकर मामला शांत करवाया।
सीडीएलयू कैंपस में चल रहे शिक्षा विभाग के प्रथम वर्ष के कुछ विद्यार्थियों ने प्रशासन को पत्र भेजकर समस्या बताई। इस पर सीडीएलयू ने आदेश जारी कर परीक्षा तिथियों में बदलाव कर दिया और चार पेपर की तारीख बदल ली। लेकिन ये राहत केवल कैंपस में चल रही बीएड के केवल प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों को दे दी गई, लेकिन अन्य बीएड के ही अन्य संबंधित कॉलेजों और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों यह राहत नहीं दी गई। इसलिए वे भी मांग कर रहे हैं कि सीडीएलयू से संबंधित न केवल सभी बीएड कॉलेजों के विद्यार्थियों को भी राहत दी जाए, बल्कि न केवल प्रथम वर्ष बल्कि अन्य की भी परीक्षा में बदलाव किया जाए।
एबीवीपी के बैनर तले पहुंचे विद्यार्थी
बुधवार को सीडीएलयू से संबंधित बीएड कॉलेजों के विद्यार्थी वीसी ऑफिस पहुंचे। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के बैनर तले कुलपति कार्यालय गए। एबीवीपी के जिलाध्यक्ष सुनील शास्त्री, विश्वविद्यालय अध्यक्ष सुरेंद्र बैनीवाल, संजय, बिंदु के नेतृत्व में पहुंचे विद्यार्थियों ने वीसी के समक्ष मांग रखी। सुनील, सुरेंद्र, संजय ने आरोप लगाया कि वीसी ने उनकी मांग सुनने से इंकार कर दिया। इससे गुस्साए विद्यार्थियों ने नारेबाजी शुरू कर दी और कुलपति कार्यालय के बाहर ही धरना दे दिया। उन्होंने मांग की कि उनकी परीक्षा की तारीख को आगे बढ़ाया जाए। करीब चार घंटे तक चले धरना प्रदर्शन के बाद रजिस्ट्रार डॉ. राजेश बांसल मौके पर पहुंचे और विद्यार्थियों की समस्या सुनी। उन्होंने समस्या के समाधान का आश्सन देकर विद्यार्थियों को शांत करवाया। इसके बाद धरना खत्म कर दिया गया।
ये बोले विद्यार्थी
हम दो दिन पहले भी अधिकारियों मिले थे, परंतु अधिकारियों ने भेदभाव करते हुए हमारे जूनियर की डेटशीट तो बदल दी गई, लेकिन हमारी डेटशीट की ओर कोई संज्ञान नहीं लिया गया है। -दिशा, छात्रा।
मैं खुद पीजी पासआउट छात्रा हूं और मेरा खुद का व मेरे कुछ साथियों का नेट का पेपर है। इस पर ही हमारा भविष्य टिका हुआ है। प्रशासन को देखना चाहिए कि बच्चों का सरकारी जॉब व प्रतियोगी के परीक्षाओं के बीच किसी की भी परीक्षा नही लेनी चाहिए। -बिंदु छात्रा।
हमें पता चला कि विश्वविद्यालय बीएड के विद्यार्थियों के साथ भेदभाव कर रहा है। इसलिए हमारे संगठन ने सज्ञांन लेते हुए वीसी से बात की, लेकिन वीसी ने मांग मानने से इंकार कर दिया। इसलिए मजबूरी में धरना देना पड़ा। - सुरेंद्र बैनीवाल, अध्यक्ष, एबीवीपी, सीडीएलयू।
विद्यार्थी अपनी समस्या लेकर आए थे। उनकी समस्या का समाधान कर दिया गया है। -डॉ. अमित सांगवान, निदेशक, जनसंपर्क, सीडीएलयू, सिरसा।