कोर्ट ने केंद्र व राज्य सरकार से मांगा जवाब
अगले आदेश तक मकान खाली करने के नोटिस पर लगाई रोक
प्रशासन ने थेहड़ के 3040 परिवारों को दे रखा है मकान खाली करने का नोटिस
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में वीरवार को थेहड़ मामले पर सुनवाई हुई। बचाव पक्ष की दलील सुनने के बाद हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 17 जून तारीख निर्धारित की है। साथ ही अगले आदेश तक प्रशासन द्वारा मकान खाली कराने के नोटिस पर रोक लगा दी है। कोर्ट की इस कार्यवाही से थेहड़वासियों का फिलहाल राहत मिल गई है।
सोमवार को थेहड़ पर रहने वालों में से 15 परिवारों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। थेहड़वासियों ने अपनी याचिका में हाईकोर्ट की डबल बेंच को बताया कि वे कई दशकों से थेहड़ पर रह रहे हैं। सरकार की तरफ से थेहड़ पर हर सरकारी सुविधाएं दी हुई हैं। थेहड़वासी नगर परिषद को हाउस टैक्स भी देते हैं। ऐसे में प्राचीन ऐतिहासिक धरोहर थेहड़ पर पुरातत्व विभाग की खोज के चक्कर में उन्हें उजाड़ा न जाए।
अगली तारीख में पुरातत्व विभाग, राज्य सरकार व स्थानीय प्रशासन हाईकोर्ट में अपना पक्ष रखेगा। कोर्ट में सुनवाई को लेेकर सुबह से ही लोग थेहड़ पर स्थित मजार पर प्रार्थना करने में जुटे थे। थेहड़ संघर्ष समिति की प्रधान एडवोकेट संजू बाला का कहना है कि थेहड़वासियों को हाईकोर्ट से काफी उम्मीदें हैं। आशा है कि अगली तारीख पर कोर्ट थेहड़वासियों को बड़ी राहत देगी।
82 में से सिर्फ दो एकड़ जमीन बची
82 एकड़ में फैले थेहड़ पर अपना दावा जताने वाले पुरातत्व विभाग के लिए प्रशासन को करीब दो एकड़ जमीन खाली मिली है। प्रशासन की तरफ से कल थेहड़ पर खाली जगह की पैमाइश का काम शुरू किया गया है। नगर परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक देवेंद्र बिश्नोई, कानूगो मदनलाल, पटवारी सिंकदर अटवाल, रामकुमार, जसवीर चावला इस कार्य में जुटे थे। पैमाइश का काम पूरा होने पर पुरातत्व विभाग के लिए मात्र दो एकड़ जमीन खाली मिली।
खाली जमीन पर 17 जगह प्वाइंट लगाए गए हैं। जब प्रशासन पैमाइश कर रहा था तो काफी लोग उनके पास आ गए और उन्होंने कहा कि ये जमींन पर उनके प्लॉट हैं। ये सारी जमीन उन्होंने खरीदी हुई है। ऐसे में अधिकारियों ने कहा कि जिन्होंने ये जमीन खरीदी है वे इसकी रजिस्ट्री दिखाएं, लेकिन कोई रजिस्ट्री नहीं दिखा पाया। दोपहर करीब 12 बजे कानूगो व पटरवारी उपमंडलाधीश परमजीत सिंह चहल व तहसीलदार ओपी बिश्नोई के पास पहुंचे और उन्हें खाली बची जगह का सारा रिकॉर्ड सौंपा।
क्या कहा कोर्ट ने
चंडीगढ़ (ब्यूरो)। सिरसा में थेहड़वासियों से जमीन खाली करवाने के जिला प्रशासन की ओर से जारी नोटिस पर वीरवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने अगले आदेश तक के लिए रोक लगा दी। जस्टिस अगस्टीन जार्ज मसीह और जस्टिस पीबी बजंतरी की डिवीजन बेंच ने सिरसा निवासी दूलीचंद व अन्य 155 लोगों की याचिका पर केंद्र और हरियाणा सरकार को नोटिस जारी किया है।
डीआरओ अमीचंद का कहना है कि उनके पास हाईकोर्ट की तरफ से कोई आदेश नहीं आए हैं। आदेश मिलने पर ही अगली कार्यवाही की जाएगी।