ग्रामीणों द्वारा बंधक बनाए गए अधिकारी
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गांव बनसुधार में बुधवार को डिपो की जांच करने गए अधिकारियों को ग्रामीणों ने दो घंटे तक बंधक बनाए रखा। बाद में डीएफएससी ने ग्रामीणों को बताया कि विभाग के अधिकारी राशन बंटवाने पर रोक लगाने नहीं बल्कि डिपो की जांच करने आए हैं तब कही जाकर मामला शांत हुआ।
ग्रामीणों ने अधिकारियों से शिकायत की है कि गांव में कई माह से राशन नहीं बंटा है और जब राशन बंटने लगा तो विभागीय अधिकारियों के पहुंचने पर खलल पड़ गई। इस दौरान गांव के लोग एकत्रित हो गए और जांच करने गए अधिकारियों को घेर लिया। अधिकारियों ने मामले की सूचना डीएफएससी को दी जिसके बाद डीएफएससी मौके पर पहुंचे। लोगों ने डीएफएससी की बात मान ली और अधिकारियों को वहां से जाने दिया।
जानकारी के अनुसार खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की टीमें बुधवार को विभिन्न डिपो की जांच कर रही थी। इसी दौरान विभाग के चार अधिकारी इंस्पेक्टर घड़सीराम, राजेश सैनी, रविंद्र व प्रमोद छापौला गांव बनसुधार पहुंचे तो लोगों को किसी ने बरगला दिया कि टीम राशन बंटवाने को बंद करवाने आई है।
यह सुनकर ग्रामीण एकत्रित हो गए और जांच करने पहुंचे अधिकारियों को वहीं पर बंधक बना लिया। लोगों ने विभाग के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उन्होंने बताया कि पिछले तीन-चार माह से गांव में राशन नहीं बांटा गया। इस मामले की सूचना डीएफएससी राजेश कुमार आर्य को दी गई जिसके बाद वे मौके पर पहुंचे।
उन्होंने लोगों को बताया कि विभाग की ओर से रूटीन में डिपो की जांच की जाती है इसी कड़ी में बुधवार को कई डिपो की जांच की गई है और वहां भी टीम इसी मकसद से आई है। उन्होंने कहा कि राशन के बंटवारे में किसी प्रकार की समस्या नहीं आने दी जाएगी। डीएफएससी ने जब लोगों को विभागीय कार्रवाई के बारे में स्पष्ट रूप से बताया तो लोगों ने बंधक बनाए गए अधिकारियों को वहां जाने दिया। डीएफएससी ने ग्रामीणों के डिपो होल्डर से संतुष्ट होने की बात पर राशन बंटवाना शुरू कर दिया और वापस सिरसा लौट आए।