एशियन महिला हॉकी चैंपियन ट्रॉफी विजेता बनने पर टीम की सदस्य रही सविता पूनियां के गांव जोधकां और घर में जश्न का माहौल है। बता दें कि शनिवार की रात भारत ने चीन को 2-1 अंकों से हराया था। परिजनों व ग्रामीणों ने मिलकर जश्न मनाया। परिजनों ने कहा कि सही मायने में तो अब हमारी दिवाली मनी है। बता दें कि सविता पूनियां भारतीय महिला हाकी टीम में 2008 से गोलकीपर के रूप में खेल रही हैं। इसके अलावा उन्हें 2014 में एशिया बेस्ट गोलकीपर का अवॉर्ड मिल चुका है और वह अब तक 150 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुकी है। विजेता खिलाड़ी सविता के घर पर बधाई देने वालों को तांता लगा हुआ है। परिवार के सदस्यों ने कहा कि विश्व में भारत का नाम रोशन करने वाली टीम का हिस्सा बनने पर हमें नाज है। सविता के घर रविवार को गांवों के गणमान्य और विभिन्न राजनीतिक पार्टी के नेताओं ने आकर सविता पूनियां के पिता महेंद्र पूनियां को बधाई दी। परिजनों ने बताया कि मैच के दौरान सविता की दादी उमा देवी पूजा करती रहीं। गांव के सरपंच रणधीर सिंह गोस्वामी ने सविता को सराहा है।
पिता ने कहा-कॉमनवेल्थ-2018 पर सविता की नजर
सविता के पिता डॉ. महेंद्र सिंह पूनियां ने बताया कि अब 2018-कॉमनवेल्थ पर सविता का टारगेट है। कॉमनवेल्थ में देश का स्वर्ण पदक दिलाने के लिए सविता ने अभी से कमर कस ली है। इसके लिए विभिन्न देशों में जाकर अभ्यास करेगी। फिलहाल सविता एक दिन के लिए दिसंबर में घर आएगी उसके बाद फिर अभ्यास कैंप में चली जाएगी।
बेटी को मिस करते हैं परिजन
अभ्यास के लिए बेटी बाहर रहती है तो परिवार के सभी लोग उसे मिस तो करते हैं पर देश के लिए जब मेडल जीतती है तो खुशी का ठिकाना नहीं रहता। डॉ. बलदेव सिंह, केवल कंबोज, राजबीर धायल, महिला फुटबाल टीम जोधकां के मार्गदर्शक जयभगवान जांगू, कोच पिंकी, सुखेदव व कप्तान पूजा पूनियां व समस्त टीम ने सविता पूनियां को बधाई दी है।
इतनी उपलब्ध्यिों के बावजूद सविता है बेरोजगार
पिता डॉ. महेंद्र सिंह पूनियां ने कहा कि अब तक सविता ने देश के लिए डेढ़ सौ मैच खेलकर अनेक बार देश का नाम रोशन किया है पर अभी तक सविता पर सरकार ने ध्यान नहीं दिया है, उसे अब भी सरकारी नौकरी की दरकार है। पिता ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा घोषणा करने के बावजूद उसे नौकरी नहीं मिली। यहां तक कि सविता के बाद टीम में शामिल हुई खिलाड़ियों की नौकरी लग गई है। सविता का मानना है कि खिलाड़ियों को रोजगार की चिंता न रहे तो परिणाम और बेहतर आ सकते हैं।