रविवार को सातवें दिन भी स्मॉग का कहर जारी रहा। स्मॉग के कारण लोगों की स्वास्थ्य संबंधी तकलीफें बढ़ने लगी हैं। खासकर सांस के रोगियों के लिए यह मौसम आफत बना हुआ है। हालांकि आज स्मॉग कम थी पर पिछले छह दिनों में स्मॉग के कारण घुटन में आज की स्मॉग ने आग में घी का काम किया है। वहीं बीती रात को इस स्मॉग के कारण जीरो विजिबिलिटी रही। मौसम के जानकारों के अनुसार कुछ दिन और इस प्रकार का मौसम रहेगा। अभी पराली जलाने का सिलसिला जारी है जिस कारण स्मॉग कम नहीं हो रही।
स्मॉग के कारण सड़कों घटनाएं बढ़ गई हैं। वाहन चालकों को दिन में हेडलाइट व इंडीकेटर जलाकर गंतव्य स्थानों पर जाता देखा गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगर किसान पराली न जलाएं तो ये स्मॉग हवा के साथ धीरे-धीरे खत्म हो जाएगा, लेकिन किसान अभी भी पराली में आग लगा रहे हैं। डॉक्टरों ने बताया कि यह स्मॉग सांस के रोगियों पर सीधे तौर पर अटैक करती है। इसके अलावा आंखों के रोग भी बढ़ रहे हैं।