केंद्र सरकार की ओर से सोने व हीरे के जेवरातों पर लगाई गई एक्साइज ड्यूटी व पैनकार्ड अनिवार्यता के विरोध में स्वर्णकारों की अनिश्चितकालीन हड़ताल बारहवें दिन व सुभाष चौक पर धरना दसवें दिन जारी। स्वर्णकारों ने वित्त मंत्री रूपी भैंस के आगे बीन बजाकर अपना रोष जाहिर किया। साथ ही एक्साइज ड्यूटी वापस न लेने पर गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी भी दे डाली।
बुधवार को स्वर्णकारों का नेतृत्व स्वर्णकार संघ के प्रधान राजकुमार सोनी व अखिल भारतीय स्वर्णकार विचार मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष गजानंद सोनी ने किया। हड़ताल में ऐलनाबाद स्वर्णकार संघ के प्रधान जगजीवनराम सोनी, किशन लाल सोनी, रामस्वरूप सोनी, वेद दलीप सोनी, धर्मपाल सोनी, विनोद सोनी, ईश्वर सोनी, आत्माराम सोनी, दरियाई लाल, सुरेंद्र, नरेश सोनी, देवेंद्र सोनी आदि ने अपना समर्थन दिया। स्वर्णकारों ने दोपहर करीब सवा बजे सुभाष चौक पर वित्त मंत्री रूपी भैंस के आगे बीन बजाकर अपना रोष जाहिर किया।
इस मौके पर गजानंद सोनी ने कहा कि वित्त मंत्री द्वारा स्वर्णकारों के साथ किए गए अन्याय के विरोध में यह बीन बजाई गई है और इसी के माध्यम से कहा गया है कि जिस प्रकार भैंस के आगे बीन बजाने से कोई फायदा नहीं होता, उसी प्रकार स्वर्णकार पिछले 15 दिनों से पूरे देश में हड़ताल पर है, अपने कारोबार बंद कर सड़कों पर बैठे है, परंतु वित्त मंत्री के कान पर कोई जूं तक नहीं रेंगी। वित्त मंत्री ने एक्साइज ड्यूटी का काला कानून अभी तक वापस नहीं लिया।
स्वर्णकार संघ ऐलनाबाद के प्रधान जगजीवन राम सोनी ने सरकार को चेताया कि सरकार को यह कानून हर हाल में वापस लेना होगा, अन्यथा जिस तरह पिछले उपद्रवियों द्वारा हरियाणा में हिंसक आंदोलन किया गया, उसी प्रकार मजबूरन स्वर्णकारों को राष्ट्र व्यापी आंदोलन करने पर मजबूर होना होगा, जिसके जिम्मेदार केवल वित्तमंत्री ही होंगे और नतीजा भाजपा सरकार को भुगतना होगा। दिल्ली में 17 मार्च को होने वाली स्वर्णकारों की महारैली यह साबित कर देगी कि भविष्य में पांच राज्यों में होने वाले चुनावों में स्वर्णकार भाजपा को हराने का काम करेंगे।